बेगूसराय, 18 मई 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार राज्य किसान सभा का 38वां बेगूसराय अंचल सम्मेलन रविवार को मध्य विद्यालय कमरूद्दीनपुर स्थित कामरेड सुरेश सिंह नगर, कामरेड राजाराम साह हॉल एवं कामरेड रत्नेश्वर ठाकुर मंच पर देर शाम तक संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता जनार्दन यादव, उपेन्द्र सिंह, मनोज पासवान और देवेन्द्र यादव के चार सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष कामरेड सुरेश यादव द्वारा झंडोत्तोलन से हुई। सम्मेलन में जिले भर से आए प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने किसान, मजदूर और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

“केंद्र सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही”: दयानिधि चौधरी ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना: सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए जिला सचिव दयानिधि चौधरी ने कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा दे रही है, जबकि किसानों और गरीबों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों से भारतीय किसानों पर संकट बढ़ेगा और किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक C2+50% के आधार पर MSP कानून लागू नहीं किया गया है। दयानिधि चौधरी ने बाढ़, सुखाड़, कटाव, जल निकासी, खाद-बीज की कालाबाजारी और फसल क्षतिपूर्ति में धांधली जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि संघर्ष ही किसानों के अधिकारों की रक्षा का एकमात्र रास्ता है।
23 सदस्यीय अंचल किसान कौंसिल का गठन: अंचल सचिव सुरेंद्र साह ने पिछले कार्यकाल का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे 13 प्रतिनिधियों के सुझावों के साथ सर्वसम्मति से पारित किया गया। सम्मेलन में सर्वसम्मति से 23 सदस्यीय अंचल किसान कौंसिल का गठन किया गया। नई कमेटी में चिंटू यादव को अध्यक्ष तथा अजय यादव को सचिव चुना गया।इसके अलावा 31 मई से 1 जून तक बागवाड़ा में आयोजित होने वाले दो दिवसीय जिला सम्मेलन के लिए 60 प्रतिनिधियों का चयन भी किया गया।
“मनरेगा कमजोर, मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे”सीटू नेता रत्नेश झा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप: सीटू की ओर से सम्मेलन को संबोधित करते हुए रत्नेश झा ने कहा कि मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है और चार श्रम संहिताओं के जरिए मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि गरीबों के घरों और दुकानों पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बुलडोजर चलाया जा रहा है। राज्य में अपराध, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा तथा ड्रग्स कारोबार को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।रत्नेश झा ने कहा कि किसान-मजदूरों के संयुक्त संघर्ष को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
“स्मार्ट मीटर और गलत बिलिंग से जनता परेशान”रामाशीष राय ने उठाए जमीन सर्वे और बिजली दरों के मुद्दे: सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामाशीष राय ने कहा कि जमीन सर्वेक्षण, जमाबंदी सुधार और बिजली दरों में लगातार वृद्धि से आम जनता परेशान है। उन्होंने स्मार्ट मीटर और गलत बिलिंग को जनता के आर्थिक शोषण का माध्यम बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार सरकारी सिंचाई व्यवस्था से पीछे हट रही है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
जिला सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान: सम्मेलन के समापन भाषण में जिला अध्यक्ष सुरेश यादव ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर सदस्यता अभियान चलाने और किसान-मजदूरों की समस्याओं को चिन्हित कर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने 31 मई से 1 जून तक बागवाड़ा में आयोजित होने वाले किसान सभा के 38वें जिला सम्मेलन को सफल बनाने की अपील भी की।






Total views : 86659