गुड टच-बैड टच, पॉक्सो कानून, साइबर अपराध, बाल विवाह और नशामुक्ति के प्रति किया गया जागरूक ।
बेगूसराय, 28 अक्टूबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय की ओर से बुधवार को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें बच्चों को उनके अधिकारों, लैंगिक अपराधों से बचाव, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह के दुष्परिणामों और नशामुक्ति की जानकारी दी गई। मुख्य कार्यक्रम डीएवी पब्लिक स्कूल, इटवा में आयोजित हुआ। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बृजेंद्र कुमार ने बच्चों को गुड टच-बैड टच की पहचान और पॉक्सो कानून की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की स्थिति में बच्चों को चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने अभिभावक, शिक्षक या प्राचार्य को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने के खतरों से भी आगाह किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने की अपील की।
वहीं, माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में किशोर न्याय परिषद के प्रधान मजिस्ट्रेट प्रभात कुमार ने पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।अभियान के तहत बीआर डीएवी, ज्ञान भारती प्लस टू स्कूल, जेके प्लस टू स्कूल, गंगा ग्लोबल पब्लिक स्कूल, तक्षशिला पब्लिक स्कूल, बीएस कॉलेज प्लस टू स्कूल, ओमर बालिका उच्च विद्यालय सहित जिले के कई विद्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक पदाधिकारियों ने बच्चों को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में बच्चों को किसी भी तरह के शोषण या अनुचित व्यवहार की स्थिति में विश्वसनीय व्यक्ति अथवा संबंधित प्राधिकार से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।





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