डिजिटल तकनीक से न्याय व्यवस्था होगी तेज और पारदर्शी, गंगटोक सम्मेलन में हुई ऐतिहासिक पहल
सिक्किम, 2 मई 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
भारत की न्यायिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सिक्किम को देश का पहला “पेपरलेस न्यायपालिका” राज्य घोषित किया गया है। राजधानी गंगटोक में आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।
डिजिटल युग की ओर बढ़ता न्याय तंत्र: CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका अब कागजी कार्यवाही के पारंपरिक दौर से आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने बताया कि पहले न्याय तक पहुंच दूरी, समय और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से बाधित होती थी, लेकिन अब तकनीक के जरिए यह स्थिति तेजी से बदल रही है। डिजिटल माध्यम नागरिकों को सीधे न्यायिक मंचों से जोड़ रहा है।
सम्मेलन में तकनीक और न्याय पर मंथन: “प्रौद्योगिकी और न्यायिक शिक्षा” विषय पर आधारित इस सम्मेलन का आयोजन सिक्किम उच्च न्यायालय और सिक्किम न्यायिक अकादमी द्वारा किया गया। इसमें देशभर के न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए। कार्यक्रम शनिवार तक जारी रहेगा।
न्यायमूर्तियों ने पहल की सराहना की: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कदम न्याय प्रक्रिया को बाधाओं से मुक्त करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक मानव निर्णय का विकल्प नहीं, बल्कि उसे सरल और सुलभ बनाने का माध्यम है। वहीं, सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए. मोहम्मद मुस्ताक ने इसे व्यावहारिक और जनहितकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल हाई-टेक अदालतें बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
समावेशी डिजिटल न्याय पर जोर: सिक्किम हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान ने कहा कि तकनीक का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि हाशिए पर मौजूद वर्ग भी न्याय से वंचित न हों। उन्होंने तेज, सस्ता और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने पर बल दिया।
न्याय प्रक्रिया होगी और अधिक कुशल: सिक्किम के एडवोकेट जनरल बसवा प्रभु एस. पाटिल ने कहा कि पेपरलेस न्यायपालिका का उद्देश्य न्याय को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल कागज का विरोध नहीं, बल्कि न्याय प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को खत्म करने का प्रयास है।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति: इस कार्यक्रम में अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमानी, जस्टिस रोनी जेम्स गोविंदन, न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय और मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री तमांग ने इसे सिक्किम के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।







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