सीटू के बैनर तले संकल्प कन्वेंशन आयोजित, श्रम कानूनों में बदलाव और ठेका प्रथा के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय
बेगूसराय, 2 मई 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर बेगूसराय में सीटू (CITU) के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संकल्प कन्वेंशन का आयोजन किया गया। रणदिवे भवन, कपस्या चौक स्थित जिला कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रमिक एकता और अधिकारों की रक्षा को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।
मानव श्रम की भूमिका पर जोर: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीटू बिहार राज्य सचिव सह जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि दुनिया के विकास में मानव श्रम की भूमिका सर्वोपरि रही है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि पूंजीवादी व्यवस्था में श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों की उपलब्धियों को कमजोर किया जा रहा है और धर्म-जाति के आधार पर श्रमिक एकता को तोड़ने की कोशिश हो रही है।
चार लेबर कोड पर उठाए सवाल: इसके साथ ही, उन्होंने चार नए लेबर कोड को “कंपनीपरस्त नीति” बताते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि ठेका, संविदा और स्कीम आधारित रोजगार के जरिए श्रमिकों का शोषण बढ़ा है। इसलिए, इन नीतियों के खिलाफ सतत संघर्ष की जरूरत है। उन्होंने ट्रेड यूनियनों की एकता को मजदूर आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बताया।
झंडोत्तोलन और श्रद्धांजलि के साथ शुरुआत: कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता अभिनंदन झा ने की। कन्वेंशन की शुरुआत मई दिवस के अमर शहीदों के सम्मान में झंडोत्तोलन और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न यूनियनों से जुड़े प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कई नेताओं ने रखे विचार: कन्वेंशन में बरौनी खाद कारखाना एक्स सर्विसमेन एसोसिएशन के नेता ए.एन. झा, बीड़ी मजदूर यूनियन के मुकेश कुमार झा, एम्बुलेंस कामगार यूनियन के रामानंद कुमार, ई-रिक्शा यूनियन के मो. खालिद सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने सीटू के नेतृत्व में मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
12 मई से आंदोलन की शुरुआत: अंत में, 12 मई को भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय (हरहर महादेव चौक) के समक्ष धरना देने की घोषणा की गई। इसी के साथ कन्वेंशन का समापन हुआ और आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय की गई।







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