बेगूसराय | 22 मार्च 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
भाकपा माले के नौवें जिला सम्मेलन के समापन अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए जनप्रतिरोध तेज करने का ऐलान किया। केंद्रीय कमेटी सदस्य सरोज चौबे ने कहा कि बिहार को “बुलडोजर राज” की प्रयोगशाला बनाने की कोशिश के खिलाफ पार्टी आंदोलन को और धार देगी।
⚖️ दलित उत्पीड़न व सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष तेज: सरोज चौबे ने कहा कि बिहार में बढ़ते दलित उत्पीड़न, असमानता और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ भाकपा माले लगातार संघर्षरत है और आगे भी यह लड़ाई तेज की जाएगी। उन्होंने न्याय और अधिकार के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।
🌍 अंतरराष्ट्रीय मुद्दों व विदेश नीति पर सवाल: उन्होंने अमेरिका और इजरायल की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति कमजोर हुई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
🛠️ श्रम कोड के खिलाफ 1 अप्रैल को ‘ब्लैक डे’: सरोज चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार श्रम कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करेंगे। इसके विरोध में भाकपा माले 1 अप्रैल को ‘ब्लैक डे’ मनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे हड़ताल के अधिकार और श्रमिक सुरक्षा पर असर पड़ेगा।
🚜 किसान मुद्दों पर सरकार घिरी: अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवसागर शर्मा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और कृषि नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र संकट में है और सरकार को किसानों के हित में पारदर्शिता लानी चाहिए।
🏭 मजदूर आंदोलन को समर्थन: नेताओं ने बरौनी रिफाइनरी के मजदूर आंदोलन को समर्थन देने की बात कही और संगठन विस्तार पर जोर दिया। आगामी वर्षों में पार्टी सदस्यता बढ़ाकर संगठन को और मजबूत बनाने का लक्ष्य भी तय किया गया। प्रेसवार्ता में जिला सचिव दिवाकर कुमार, चन्द्रदेव वर्मा सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।







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