डीएम ने कि प्रेस वार्ता कर विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G Act, 2025) की प्रमुख विशेषताओं, लाभों एवं क्रियान्वयन की जानकारी दी।
बेगूसराय | 06 फ़रवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
शुक्रवार को बेगूसराय समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G Act, 2025) की प्रमुख विशेषताओं, लाभों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी।
मनरेगा के स्थान पर अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख व्यवस्था: जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह नया अधिनियम पूर्ववर्ती मनरेगा योजना के स्थान पर लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाना है। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण आय सुरक्षा मजबूत होगी और पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
खेती के मौसम को ध्यान में रखकर कार्य-विराम की व्यवस्था: उन्होंने बताया कि खेती के व्यस्त मौसम को ध्यान में रखते हुए वर्ष में अधिकतम 60 दिनों का कार्य-विराम रखा जाएगा। वहीं, शेष अवधि में निर्धारित रोजगार दिवस सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि कृषि और मजदूरी के बीच संतुलन बना रहे।डिजिटल पारदर्शिता पर विशेष जोरअधिनियम के तहत डिजिटल पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी और एआई ऑडिट जैसी व्यवस्थाओं से कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। निर्धारित समय में कार्य उपलब्ध नहीं होने पर बेरोजगारी भत्ता भी देय होगा।
केंद्र–राज्य के बीच 60:40 वित्तीय साझेदारी: योजना के वित्तीय प्रावधान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 का अनुपात निर्धारित किया गया है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा।
व्यक्तिगत और सार्वजनिक कार्यों को मिलेगा बढ़ावा: जिला पदाधिकारी ने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक दोनों प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं।व्यक्तिगत कार्यों में पौधरोपण, वर्मी-कम्पोस्ट, बायोगैस संयंत्र, पशुपालन शेड और निजी तालाब शामिल हैं। वहीं, सार्वजनिक कार्यों में चेक डैम, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र, जल निकासी योजनाएं और ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
‘युक्त धारा’ और ‘नरेगा सॉफ्ट’ पर अनिवार्य प्रविष्टि: बेगूसराय जिले में सभी नई योजनाओं की प्रविष्टि ‘युक्त धारा’ एवं ‘नरेगा सॉफ्ट’ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, संचालित योजनाओं को 60 दिनों के भीतर पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया है।
पीएम गति-शक्ति से होगा एकीकरण: कार्य चयन को ‘विकसित ग्राम पंचायत प्लान’ के अनुरूप करते हुए उन्हें पीएम गति-शक्ति पहल से एकीकृत किया जाएगा, जिससे टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण को गति मिलेगी।
विकसित भारत @2047 की दिशा में अहम कदम: अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025 ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और समग्र विकास को नई गति देगा।




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