18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलेगा राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला-2026, डीएम रिची पाण्डेय और एसपी मनीष ने किया घाट का निरीक्षण
बेगूसराय | 14 अक्टूबर 2026 नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला-2026 के सफल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से कल्पवासी, साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी रिची पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक मनीष ने बुधवार को सिमरिया घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छता से लेकर बिजली-पानी तक की होगी व्यवस्था: कल्पवास मेला क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई के लिए नगर परिषद बीहट, नगर निगम, अन्य नगर निकायों और लोहिया स्वच्छ भारत अभियान के कर्मियों को अलग-अलग पालियों में तैनात किया जाएगा। सफाई कर्मियों को निर्धारित यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के साथ ड्यूटी करनी होगी। सभी दुकानदारों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। गंदगी फैलाने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।पूरे कल्पवास क्षेत्र में खुले में शौच पर प्रतिबंध रहेगा। इसकी निगरानी के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी तैनात किए जाएंगे। वहीं, मच्छरों से बचाव के लिए मेला परिसर और खालसावार में नियमित फॉगिंग कराई जाएगी।कल्पवासियों और साधु-संतों की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र तथा खालसाओं में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षित विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ खुले तारों को हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा निर्धारित दर पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति और रिफिलिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल की होगी तैनाती: मेले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इसमें महिला पुलिस बल, लाठी पार्टी और राइफल पार्टी भी शामिल रहेंगे। महिलाओं के साथ छेड़खानी, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए डीएसपी ट्रैफिक और जिला परिवहन पदाधिकारी को समन्वित ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से बचाया जा सके।
गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, SDRF की होगी तैनाती: गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। गहरे और खतरनाक घाटों को चिह्नित कर लाल कपड़े के संकेतक लगाए जाएंगे तथा मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी। नमामि गंगे सीढ़ी घाट और गंगा के जलस्तर से कटाव की आशंका वाले स्थानों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। प्रतिनियुक्त कर्मियों को निर्धारित ड्रेस, पहचान पत्र और सीटी के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है।
24 घंटे मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा, एम्बुलेंस रहेगी उपलब्ध: श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सिविल सर्जन के निर्देशन में आवश्यक दवाओं और चिकित्सकीय सुविधाओं से युक्त स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है।इसके अलावा खाद्य संरक्षा निरीक्षक द्वारा खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाएगी। मेले में पान मसाला और गुटखा की बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल को चापाकलों के पास सोख्ता निर्माण कराने और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया है।
सड़कों की मरम्मत और अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान: मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाढ़ प्रमंडल और पथ प्रमंडल को क्षतिग्रस्त सड़कों तथा धर्मशाला से कल्पवास क्षेत्र तक जाने वाले रास्तों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, सिमरिया धाम के मुख्य द्वार की रंगाई-पुताई और मेला मंच की तकनीकी जांच भवन प्रमंडल द्वारा की जा रही है।अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए जिला अग्निशमन पदाधिकारी सभी पंडालों और विद्युत तारों की जांच करेंगे। इससे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा।
केंद्रीय नियंत्रण कक्ष रहेगा चौबीसों घंटे सक्रिय: श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सिमरिया धाम में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। मेला क्षेत्र में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से आवश्यक सूचनाओं और निर्देशों का प्रसारण किया जाएगा। निजी लाउडस्पीकरों की आवाज भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नियंत्रित रखने का निर्देश दिया गया है। श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपीलजिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि कल्पवासी, साधु-संत और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और शांति के साथ कल्पवास कर सकें।साथ ही, उन्होंने आम नागरिकों और श्रद्धालुओं से सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी बेगूसराय अश्विनी कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अंचल अधिकारी बरौनी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।






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