बेगूसराय। 11 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में मुख्यमंत्री सात निश्चय और सात निश्चय-2 के तहत चल रही विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में समाहरणालय के कारगिल विजय सभा भवन में हुई बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कौशल योजना में प्रगति: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1,247 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जुलाई 2026 तक 948 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है। इनके लिए 33.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। डीएम ने योजना का प्रचार बढ़ाने और लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना में 353 आवेदन मिले हैं। इनमें 285 को स्वीकृति दी गई है, जबकि एक आवेदन अस्वीकृत हुआ है। कुशल युवा कार्यक्रम में 3,336 आवेदन प्राप्त हुए और सभी को स्वीकृति दी गई। योजना का प्राप्तांक 90.9 प्रतिशत रहा। राज्य स्तरीय रैंकिंग में बेगूसराय चौथे स्थान पर है। डीएम ने अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया।
सिंचाई, नल-जल और मोक्षधाम योजना की समीक्षा: ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना के तहत जल संसाधन विभाग की दो योजनाओं में डीपीआर, कार्य शुरू और कार्य पूरा करने की प्रगति 100 प्रतिशत रही। इससे 70 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। डीएम ने गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया। हर घर नल का जल योजना में ग्रामीण क्षेत्रों की प्रगति संतोषजनक पाई गई। शहरी क्षेत्रों में बेगूसराय नगर निगम सहित बरौनी, बलिया, बखरी, बीहट और तेघड़ा के 196 वार्डों में अनुरक्षण और उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की समीक्षा की गई।
नगर परिषद बीहट में 10.02 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति से बना शवदाह गृह 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसमें चार लकड़ी आधारित और दो इलेक्ट्रिक फर्नेस लगाए गए हैं।
स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर: ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट और घर-घर कचरा संग्रहण की प्रगति बेहतर पाई गई। शहरी क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरे के संग्रहण, प्रबंधन और प्रसंस्करण की भी समीक्षा की गई। डीएम रिची पांडेय ने सभी विभागों को सात निश्चय एवं सात निश्चय-2 की योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ लंबित मामलों का प्राथमिकता से निष्पादन करने को कहा। डीएम ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।






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