बेगूसराय। 09 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसकी सफलता को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार 5,000 से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुधवार, 09 सितंबर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय ऋषिकांत की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता हुई। प्रेस वार्ता जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई।
20 बेंचों का किया गया गठन: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने बताया कि वर्ष 2026 की यह तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत है। सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 20 बेंचों का गठन किया गया है। इनमें—15 बेंच बेगूसराय मुख्यालय में 4 बेंच बखरी, मंझौल, तेघड़ा और बलिया अनुमंडल न्यायालयों में, 1 बेंच बरौनी रेलवे न्यायालय में गठित किया गया है। इसके अलावा ट्रैफिक चालान के मामलों के निष्पादन के लिए दिनकर भवन में 3 विशेष बेंच बनाए गए हैं।
1 सितंबर से शुरू है मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया: राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर 01 सितंबर 2026 से ही प्री-लिटिगेशन और प्री-सिटिंग के माध्यम से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीएलएसए के एडीआर भवन में प्रतिदिन विशेष बेंच के माध्यम से विभिन्न सुलहनीय मामलों के समाधान की प्रक्रिया चल रही है। इनमें ई-चालान, न्यायालय संबंधी मामले, बैंक ऋण, विद्युत, नापतौल और चेक बाउंस सहित कई मामले शामिल हैं।
गांव-गांव पहुंच रहे पारा विधिक स्वयंसेवक: राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV) गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
PLV लोगों को सुलहनीय मामलों के समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में आने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन सुनिश्चित करना है।
समय और धन की होगी बचत: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिले के लोगों से अपील की कि जिनके मामले सुलहनीय हैं, वे 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान कराएं।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से किया जाता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है। साथ ही आपसी सद्भाव भी कायम रहता है।
उन्होंने आम लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने और इसे सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
मीडिया से प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपील: इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद ने भी मीडिया कर्मियों से राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपील की।




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