बेगूसराय, 31 मई 2026 । नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिले में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम एवं समेकित स्वास्थ्य शिविरों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की वर्तमान आबादी, एचआईवी संक्रमण की स्थिति तथा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा बेगूसराय को उच्च जोखिम एवं प्राथमिकता वाले जिले की श्रेणी में रखे जाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान से संबंधित प्रथम 95 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिले के सभी अनुमंडलों में समेकित परामर्श एवं जांच केंद्र (ICTC) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। जिला पदाधिकारी ने जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी को बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति एवं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन को पत्र भेजकर अधिक संख्या में ICTC केंद्रों की स्थापना का अनुरोध करने का निर्देश दिया।
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगाए जाएंगे समेकित स्वास्थ्य शिविर: बैठक में सभी विभागों के समन्वय से माइक्रोप्लान तैयार कर चिह्नित हॉटस्पॉट गांवों एवं पंचायतों में समेकित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को शिविरों के सफल आयोजन में सहयोग करने को कहा गया।
जिले में केवल एक ICTC केंद्र होने से बढ़ रही परेशानी: बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति के कार्यपालक निदेशक ई. कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान में जिले में केवल एक ICTC केंद्र सदर अस्पताल बेगूसराय में संचालित है। उन्होंने कहा कि एचआईवी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिले में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़ाना समय की आवश्यकता है। संस्था लंबे समय से इस दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में एचआईवी रिएक्टिव पाए जाने वाले लोगों को कन्फर्मेटरी जांच के लिए सदर अस्पताल स्थित ICTC केंद्र जाना पड़ता है। दूरी, आर्थिक तंगी, मजदूरी का नुकसान, गोपनीयता भंग होने का डर तथा सामाजिक कलंक जैसी वजहों से कई लोग जांच नहीं करा पाते हैं, जिससे एचआईवी नियंत्रण के प्रयास प्रभावित होते हैं।
2030 तक एचआईवी महामारी समाप्त करने का लक्ष्य: विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2030 तक एचआईवी महामारी को समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए जांच सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। जिले में अधिक ICTC केंद्र खुलने से एचआईवी की समय पर पहचान, उपचार और रोकथाम के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति द्वारा समेकित स्वास्थ्य शिविरों की सफलता के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि जिले में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम को प्रभावी बनाया जा सके।







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