बेगूसराय। 12 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में एनीमिया के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। शनिवार को सदर अस्पताल स्थित जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में पिरामल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से एनीमिया मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण हुआ। इसमें विभिन्न प्रखंडों से चयनित एएनएम और जीएनएम ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को एनीमिया की जांच, पहचान, उपचार, परामर्श और रेफरल में दक्ष बनाकर मास्टर ट्रेनर तैयार करना था।
प्रखंड स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण: प्रशिक्षण के बाद तैयार मास्टर ट्रेनर अपने-अपने प्रखंड और स्वास्थ्य संस्थानों में अन्य एएनएम, जीएनएम और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को एनीमिया मॉड्यूल के अनुसार प्रशिक्षित करेंगे। इससे जिले में एनीमिया की स्क्रीनिंग, जोखिम की पहचान, उपचार और फॉलोअप व्यवस्था मजबूत होगी।खास तौर पर गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और अन्य लक्षित लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया।
जांच से उपचार तक सिखाए गए जरूरी तरीके: प्रशिक्षण में एनीमिया के स्वास्थ्य प्रभाव, गर्भावस्था में इसके जोखिम, हीमोग्लोबिन जांच की सही प्रक्रिया और डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। आयरन एवं फोलिक एसिड, उपचार प्रोटोकॉल और टी-3 रणनीति यानी टेस्ट, ट्रीट और टॉक/रेफरल पर भी प्रशिक्षण दिया गया।प्रतिभागियों को केस स्टडी, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी और व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। पिरामल फाउंडेशन की टीम ने प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग दिया।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर: सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि एनीमिया गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है और इसका सीधा असर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर पड़ता है। समय पर पहचान और उपचार से कई गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाने की अपील की।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा ने गर्भवती महिलाओं की निर्धारित समय पर हीमोग्लोबिन जांच और जोखिम की स्थिति में प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार व रेफरल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिला स्वास्थ्य प्रबंधक नसीम रज़ी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का नियमित क्षमता निर्माण जरूरी है। प्रशिक्षण से एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम को प्रखंड और समुदाय स्तर तक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुभाष रंजन झा, जिला अकाउंट प्रबंधक चतुर्भुज प्रसाद, जिला सामुदायिक प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने प्रखंडों में प्रशिक्षण आयोजित करने और एनीमिया की जांच, उपचार एवं रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया।







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