बेगूसराय। 2 अक्टूबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की बेगूसराय जिला कमिटी ने 28 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को समाहरणालय के उत्तरी द्वार के समीप प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और SIR रद्द करने सहित कई मांगों को लेकर नारे लगाए।
माकपा ने SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर आपत्ति जताई और जीवित मतदाताओं के नाम तत्काल मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की।
माकपा ने उठाईं कई मांगें: प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, SIR रद्द करने और 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को वापस लेने की मांग की। पार्टी ने चुनाव आयुक्त नियुक्ति समिति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को फिर से शामिल करने की मांग भी रखी।
माकपा नेताओं ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त को न्यायिक प्रक्रिया से बाहर रखने संबंधी कानूनी प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। पार्टी की ओर से कहा गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को भी व्यक्तिगत रूप से न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाया जाना चाहिए।
नेताओं ने कहा- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष: प्रदर्शन के बाद हुई सभा को माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य एवं बेगूसराय के पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह, राज्य सचिव मंडल सदस्य एवं कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय, जिला सचिव मंडल सदस्य एवं मटिहानी के जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह और सचिव मंडल सदस्य सूर्य नारायण रजक ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने SIR और चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को लेकर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और संबंधित राजनीतिक संगठनों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
नियुक्ति समिति में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री की भूमिका को लेकर भी वक्ताओं ने आपत्ति जताई और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को समिति में शामिल करने की मांग दोहराई।
मौके पर पार्टी जिला कमिटी सदस्य अजय कुमार यादव, परिवहन संघ के नेता मुकेश झा, रामानंद, श्रमजीवी फुटपाथ संघ के नेता मोहम्मद इदरिश सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।






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