बेगूसराय। 09 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। बुधवार को जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को मिल रही सुविधाओं, सामुदायिक किचन में भोजन व्यवस्था, पशुचारा और राहत सामग्री के वितरण की जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
सामुदायिक किचन में भोजन व्यवस्था का लिया जायजा:
डीएम ने सबसे पहले मटिहानी प्रखंड के बलहपुर-2 पंचायत अंतर्गत राजकीयकृत जीतलाल प्लस टू विद्यालय, नयागांव में संचालित सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया। इसके बाद बलहपुर-1 पंचायत के तीनमुहानी चौक पर संचालित सामुदायिक किचन का जायजा लिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सामुदायिक किचन की पंजी की जांच की। उन्होंने लाभुकों को निर्धारित मैन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

पॉलीथिन और पशुचारा की शिकायतों पर जांच के निर्देश:
निरीक्षण के दौरान पॉलीथिन वितरण को लेकर मिली शिकायतों पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। वहीं, पशुचारा के लिए उपलब्ध कराए जा रहे भूसा को लेकर मिल रही शिकायतों को भी गंभीरता से लिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
कौआटोल, मल्हीपुर और रातगांव पहुंचे डीएम: इसके बाद जिला पदाधिकारी ने कौआटोल क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बरौनी प्रखंड के मल्हीपुर दक्षिण पंचायत और तेघड़ा प्रखंड के रातगांव में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत की। लोगों से उनकी समस्याओं और उपलब्ध राहत सुविधाओं की जानकारी ली।

चमथा-3 में पशुओं की सुरक्षा का लिया जायजा:
बछवाड़ा प्रखंड के चमथा-3 पंचायत का भी जिला पदाधिकारी ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने के लिए निकटवर्ती समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला, हरपुर बोचहा के मैदान में रखा गया है।
डीएम ने वहां पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राहत वितरण में अनियमितता बर्दाश्त नहीं:
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली राहत सामग्री के वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सामुदायिक किचन में निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने, भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शौचालयों की नियमित सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि प्रभावित लोगों और उनके पशुओं को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।





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