बेगूसराय, 3 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बेगूसराय जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर जिले के बाढ़ संभावित क्षेत्रों, तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं और संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को लगातार क्षेत्र में निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

मटिहानी में गंगा के बाएं तटबंध का सघन निरीक्षण: इसी क्रम में मटिहानी प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी के बाएं तटबंध (GL Embankment) के विभिन्न हिस्सों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान गुप्ता एम्बैंकमेंट की स्थिति का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान तटबंध पर बने रेनकट्स की मरम्मत के साथ-साथ फॉक्स होल और रैट होल को भरने का कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों को तटबंध के कमजोर बिंदुओं की पहचान कर आवश्यकता के अनुसार तत्काल मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
बिसौआ जमींदारी बांध के क्लोजर प्वाइंट का भी निरीक्षण: बाढ़ नियंत्रण डिवीजन, बेगूसराय के अंतर्गत बिसौआ जमींदारी बांध के क्लोजर प्वाइंट का खगड़िया के अधीक्षण अभियंता द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्थल की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया और आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। वहीं, सनहा गोरगामा एम्बैंकमेंट के किलोमीटर 7.00 से 14.00 के बीच स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से गंगा नदी के बाएं तटबंध का नियमित निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तटबंध सुरक्षित पाया गया।
बिसनपुर और माओ घाट समेत संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर: जिले के बिसनपुर, माओ घाट सहित अन्य संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी द्वारा लगातार स्थल निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारी क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।स्थानीय लोगों के साथ भी प्रशासन द्वारा समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
संवेदनशील इलाकों में माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा जागरूक: जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार माइकिंग कर आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में सहयोग करने की अपील की जा रही है। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। तटबंध पर किसी भी प्रकार की क्षति, रिसाव, रेनकट, फॉक्स होल अथवा अन्य कमजोर बिंदु पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
राहत और बचाव के सभी संसाधन तैयार रखने का निर्देश: डीएम ने राहत एवं बचाव से संबंधित सभी संसाधनों को तैयार रखने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
👉 जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन नहीं करने, 👉 तेज जलधारा एवं नदी के किनारे जाने से बचने तथा बच्चों और बुजुर्गों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की सलाह दी गई है।
बाढ़ के पानी और बिजली के तारों से रहें दूर: प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में स्नान नहीं करने तथा नाव से यात्रा के दौरान नाविक एवं प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही बाढ़ के पानी में बिजली के खंभों, तारों एवं विद्युत उपकरणों से दूर रहने को कहा गया है।लोगों से यह भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आपात स्थिति में इस नंबर पर करें संपर्क: जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों को तत्काल सक्रिय किया जाएगा।जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 9279808780 बाढ़, राहत, बचाव अथवा किसी भी आपात स्थिति से संबंधित सूचना एवं सहायता के लिए आमजन इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।





Total views : 103782