26 अगस्त विशेष: महिला समानता दिवस
भारती कुमारी, बेंगलुरु (हाउसवाइफ) का कहना है कि महिलाओं को वास्तविक समानता का अधिकार दिलाने के लिए सबसे पहले उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले खुद लेने की आजादी मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि महिलाओं को अपनी शिक्षा और भविष्य को लेकर स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि महिला समानता के लिए केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं के भीतर सेल्फ-रिस्पेक्ट और आत्मसम्मान की भावना भी मजबूत करनी होगी। महिलाओं को यह समझना होगा कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकती हैं और सम्मान के साथ जीवन जीने की हकदार हैं।
भारती कुमारी के अनुसार, महिलाओं को घरेलू हिंसा के प्रति जागरूक करना भी बेहद जरूरी है, ताकि वे हिंसा को सहने के बजाय उसके खिलाफ अपनी आवाज उठा सकें और उपलब्ध कानूनी एवं सामाजिक सहायता का लाभ ले सकें।
उन्होंने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना भी समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा, स्वतंत्र निर्णय लेने की आजादी, आत्मसम्मान, घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता और रोजगार के अवसर—इन सभी को मजबूत किए बिना महिलाओं को वास्तविक समानता दिलाना मुश्किल है।







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