बेगूसराय, 19 अगस्त 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और मरीज-केंद्रित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रेफरल सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में पहल शुरू की है। विभाग का मुख्य उद्देश्य है कि मरीज को उसकी बीमारी और आवश्यकता के अनुसार उपचार उसी स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध कराया जाए, जहां संबंधित सुविधा मौजूद है। इससे अनावश्यक रेफरल कम होने के साथ उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी घटेगा।
जिले में वर्तमान में 50 से अधिक एंबुलेंस विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं निर्धारित स्थानों पर संचालित हैं। जरूरत पड़ने पर इनके माध्यम से मरीजों को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था है। रेफरल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए पीएचसी से सदर अस्पताल स्तर तक के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को बिना आवश्यकता उच्चतर संस्थानों में रेफर न किया जाए।
सदर अस्पताल में करीब 70 प्रकार की सर्जरी: सदर अस्पताल, बेगूसराय में चिकित्सा एवं सर्जिकल सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में यहां करीब 70 प्रकार की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। सिविल सर्जन द्वारा प्रत्येक सप्ताह सर्जरी, प्रसव, सी-सेक्शन, जांच, दवा और मानव संसाधन सहित स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की जा रही है।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अनुमंडलीय अस्पताल तेघड़ा, मंझौल और बलिया में 24×7 सी-सेक्शन सुविधा उपलब्ध है।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछवाड़ा में भी सी-सेक्शन की सुविधा दी जा रही है। इससे प्रसव संबंधी जटिल मामलों में हर बार गर्भवती महिलाओं को सदर अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्थानीय स्तर पर बढ़ रही जांच और सर्जरी की सुविधा: रेफरल कम करने के उद्देश्य से सीएचसी बछवाड़ा और बरौनी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर सामान्य सर्जिकल सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहेबपुर कमाल में ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि अनुमंडलीय अस्पताल मंझौल में अतिरिक्त सर्जिकल सेवाएं विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की रणनीति ‘जहां उपचार संभव है, वहीं उपचार’ पर आधारित है। विभाग के अनुसार रेफरल की संख्या कम करना लक्ष्य नहीं है, बल्कि अनावश्यक रेफरल को रोकना प्राथमिकता है। जिन मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा, अत्याधुनिक जांच या ऐसी सुविधा की आवश्यकता होगी, जो स्थानीय संस्थान में उपलब्ध नहीं है, उन्हें बिना देरी उचित उच्चतर संस्थान में रेफर किया जाएगा।
सिविल सर्जन द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं और रेफरल मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि मरीजों को अधिकतम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उनके नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में ही उपलब्ध हो, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत हो तथा सदर अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।





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