बेगूसराय। 12 सितंबर। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घटने लगा है। शनिवार को जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में प्रेस वार्ता कर बाढ़ की वर्तमान स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन अब राहत कार्यों के साथ-साथ बाढ़ का पानी घटने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
शनिवार के अपराह्न 3 बजे गंगा का जलस्तर 42.95 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 41.76 मीटर से ऊपर है। हालांकि, जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 43.52 मीटर है।
8 प्रखंडों के 189 गांव बाढ़ से प्रभावित: जिले के 8 प्रखंड, 39 पंचायत और 189 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें 37 ग्राम पंचायत और 2 नगर पंचायत शामिल हैं। बाढ़ से करीब 95,245 परिवार और 3,80,980 लोग प्रभावित हुए हैं।
राहत और बचाव के लिए जिले में 269 नावों का संचालन हो रहा है। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नाव शामिल हैं। बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो में SDRF की टीम तैनात है। वहीं, बलिया में NDRF की प्रतिनियुक्ति की गई है।
प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 183 सामुदायिक रसोई केंद्र चल रहे हैं। इनसे अब तक 8,98,686 मील भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा 250 ड्राई राशन पैकेट और 34,651 पॉलिथीन शीट्स वितरित की गई हैं। प्रशासन के पास अभी 41,880 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं।
71 मेडिकल कैंप से 46 हजार से अधिक लोगों का उपचार: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 71 मेडिकल कैंप और 4 बोट एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं। अब तक 46,583 लोगों का उपचार किया जा चुका है। स्वास्थ्य टीमों को अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लगाया गया है।
डीएम ने कहा कि बाढ़ का पानी घटने के बाद संक्रामक बीमारियों और महामारी का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ICDS टीम को प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था जारी रखने का निर्देश दिया गया है। बच्चों में कुपोषण की पहचान के लिए सघन जांच अभियान भी चलाया जाएगा।
पशुधन के लिए अब तक 62 पशु कैंप संचालित किए गए हैं। इनमें 10,388 पशुओं का उपचार हुआ है। पशुपालकों के बीच 1,840.08 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
कृषि क्षेत्र में 27,034 हेक्टेयर रकवा प्रभावित हुआ है। इसमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाला क्षेत्र 19,504 हेक्टेयर है। संबंधित विभागों द्वारा फसल और कृषि क्षति का आकलन जारी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता पर भी जोर दिया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं 137 अस्थायी शौचालय संचालित किए जा रहे हैं।
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही हैं।उन्होंने लोगों से तथ्यहीन और भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील की। डीएम ने कहा कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने या उसे साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।





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