बेगूसराय। 30 अगस्त 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
राजकीय अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण देश में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को फास्ट फूड और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों से दूर रखने की सलाह दी। एक निजी होटल में हृदय रोग विषय पर आयोजित चिकित्सक एवं वैद्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों का आहार और जीवनशैली तेजी से बदल रही है। खान-पान की बदलती आदतों का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और हृदय रोग के मामले बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि हृदय रोग से बचाव के लिए लोगों को अपनी पारंपरिक जीवनशैली की ओर लौटना होगा।
आयुर्वेद के आचार्यों द्वारा बताए गए ऋतुचर्या और दिनचर्या को अपनाकर जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. लाल कौशल कुमार ने आयुर्वेद के शास्त्रों में वर्णित विभिन्न प्रकार के हृदय रोगों की जानकारी दी। वहीं जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि आने वाला समय आयुष चिकित्सा का है। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार द्वारा आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी समेत आयुष की विभिन्न पद्धतियों को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
प्राध्यापक डॉ. दिनेश कुमार ने हृदय रोग में अर्जुन पौधे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अर्जुन के विभिन्न हिस्सों और आयुर्वेद में इसके चिकित्सकीय उपयोग की चर्चा की। वहीं प्राध्यापक डॉ. रामनंदन साहनी ने हृदय रोग में ‘लिपिस्टेट’ की उपयोगिता पर चर्चा की। रीजनल हेल्थ केयर एडवाइजर डॉ. नितेश कुमार पांडेय ने भी हृदय रोग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और आमपाचक, लिपिस्टेट आदि विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. लाल कौशल कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र आर्य, डॉ. किश्वर सुल्ताना, डॉ. अनिल विश्वकर्मा, डॉ. उर्वशी सिन्हा, डॉ. रामनंदन साहनी और डॉ. दिनेश कुमार समेत कई चिकित्सकों एवं वैद्यों को सम्मानित किया गया। समारोह के संचालन एवं हृदय रोग से जुड़े विभिन्न विषयों की प्रस्तुति में आदित्य कुमार वत्स, प्रणय प्रसून, रंजन कुमार और ऋतुराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सम्मेलन में चिकित्सकों एवं वैद्यों ने हृदय रोग की रोकथाम, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर विचार साझा किए।






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