बेगूसराय | 24 मार्च 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार दिवस के शुभ अवसर पर “डांस की पाठशाला” टीम द्वारा एक भव्य और मनमोहक नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति का विषय पारंपरिक विवाह पर आधारित था, जिसमें बिहार की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाज और लोक-परंपराओं को बेहद आकर्षक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया।
पारंपरिक भावनाओं और लोक-संस्कृति का सजीव चित्रण: नृत्य-नाटिका के माध्यम से बिहार के विवाह संस्कारों की झलक दिखाई गई, जिसमें गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और भावनात्मक अभिव्यक्तियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और लोक-संस्कृति को जीवंत बनाए रखना था।
कोरियोग्राफी और निर्देशन ने जीता दिल: इस नृत्य-नाटिका की रूपरेखा और कोरियोग्राफी कुंदन कुमार द्वारा तैयार की गई, जिन्होंने अपनी रचनात्मकता और मेहनत से प्रस्तुति को एक विशेष पहचान दी। वहीं, पाठशाला के डायरेक्टर मारुति नंदन के मार्गदर्शन और सहयोग ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति: कार्यक्रम में रितेश कुमार, रोहन कुमार, सन्नी सोनी, रवि रंजन, छोटू कुमार, मोहम्मद बिलाल, अंकित कुमार, दिव्यांशु कुमार, श्याम कुमार, राजा कुमार, अंजली गुप्ता, अनन्या कुमारी, दीपिका कुमारी, रूपाली कुमारी, प्रिया कुमारी, महीनूर, सृष्टि सिन्हा, रोहणी झा, सिद्धि प्रिया और प्रिया राज सहित कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया।
सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल: यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजन का माध्यम बनी, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल भी साबित हुई। दर्शकों ने कलाकारों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की और कार्यक्रम को यादगार बताया।








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