बेगूसराय, 02 सितंबर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
समाहरणालय स्थित सभागार में जिला पदाधिकारी, बेगूसराय रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में जिले के सभी नगर निकायों में संचालित विकासात्मक योजनाओं, स्वच्छता प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवरेज व्यवस्था एवं राजस्व संग्रहण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बेगूसराय नगर निगम सहित नगर परिषद बीहट, बरौनी, तेघड़ा, बखरी एवं बलिया के कार्यपालक पदाधिकारी/नगर आयुक्त, बुडको, पीएचईडी सहित संबंधित विभागों के अभियंता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
22 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 6.44 करोड़ की वसूली: बैठक में जिला पदाधिकारी ने नगर निकायवार राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा की। संपत्ति कर, सैरात बंदोबस्ती, दुकान किराया, नक्शा शुल्क, ट्रेड लाइसेंस एवं जुर्माना मद में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। बेगूसराय नगर निगम द्वारा 22 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध अगस्त माह तक मात्र 6.44 करोड़ रुपये यानी 29.27 प्रतिशत राजस्व की वसूली की गई है। इस पर डीएम ने असंतोष व्यक्त करते हुए बकायेदारों को चिह्नित कर प्रभावी कार्रवाई करने और वसूली अभियान तेज करने का निर्देश दिया। वहीं, नगर परिषद बरौनी द्वारा संपत्ति कर में 63.63 प्रतिशत प्रगति दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई। डीएम ने सभी नगर निकायों को नए सर्वे के अनुरूप होल्डिंग असेसमेंट का कार्य पूरा करने तथा सैरात बंदोबस्ती की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।
जलापूर्ति योजनाओं को जल्द पूरा कराने पर जोर: जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान अमृत 1.0 एवं 2.0 तथा नमामि गंगे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। नगर निगम क्षेत्र में फेज-1 के 3,080 तथा फेज-2 के 3,767 छूटे हुए घरों को जलापूर्ति से जोड़ने के लिए भेजे गए प्राक्कलन की शीघ्र स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक लोग जलापूर्ति योजना से वंचित हैं, वहां कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
236.86 करोड़ की सीवरेज परियोजना की 96.80 प्रतिशत प्रगति: नमामि गंगे योजना के तहत 236.86 करोड़ रुपये की लागत से संचालित सीवरेज एवं एसटीपी परियोजना की भी समीक्षा की गई। परियोजना में अब तक 96.80 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। जिला पदाधिकारी ने शेष बचे कार्यों के साथ-साथ हाउस कनेक्शन का काम भी तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों को मिल सके।
हर वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने का निर्देश: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा करते हुए जिले के सभी नगर निकायों के शत-प्रतिशत वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण कराने का निर्देश दिया गया।
जलजमाव से निपटने के लिए मशीनों को स्टैंडबाय रखने का निर्देश: मानसून के दौरान संभावित जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए बरौनी, बलिया, तेघड़ा एवं बखरी सहित चिन्हित क्षेत्रों में सक्शन मशीन, डीजल पंपसेट एवं डीवाटरिंग पंप को स्टैंडबाय मोड में रखने का निर्देश दिया गया।डीएम ने क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) एवं नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे क्रियाशील रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश रुकने के एक से दो घंटे के भीतर जलनिकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को जलजमाव की समस्या का सामना न करना पड़े।
पीएम आवास और पीएम स्वनिधि योजना की भी हुई समीक्षा : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने का निर्देश दिया गया।इसके अलावा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत बैंकों के स्तर पर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन तथा ऋण वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
25 हजार से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव पर जोर: बैठक में स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक शौचालय एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिले में अधिष्ठापित 25,000 से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटों के नियमित संधारण का निर्देश दिया गया।डीएम ने खराब स्ट्रीट लाइटों को 48 घंटे के भीतर दुरुस्त कराने को कहा, ताकि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।
सिमरिया धाम के मोक्षधाम और छठ घाटों की भी समीक्षा: बैठक में सिमरिया धाम में निर्माणाधीन आधुनिक मोक्षधाम, छठ घाटों के सौंदर्यीकरण तथा विभिन्न नगर निकायों में सार्वजनिक एवं पिंक शौचालयों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।जिला पदाधिकारी ने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
समयबद्धता और गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने कहा कि शहरी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता, गुणवत्ता एवं पूर्ण पारदर्शिता अनिवार्य है। नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।




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