बेगूसराय। 2 सितम्बर 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बेगूसराय जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला पदाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी के साथ राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है।
8 प्रखंडों के 189 गांव चिन्हित: पिछले वर्षों में आई बाढ़ और संभावित जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के 8 प्रखंडों की 39 पंचायतों के 189 गांवों को संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इनमें 37 ग्राम पंचायतें और 2 नगर पंचायतें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
267 नावें तैयार, 17 सरकारी नावों का परिचालन शुरू: बाढ़ की स्थिति में राहत-बचाव और प्रभावित लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए जिले में कुल 267 नावों की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नाव, 239 एकरारनामा वाली निजी नावें और 7 मोटरबोट शामिल हैं। वर्तमान में आम लोगों के निःशुल्क आवागमन के लिए 17 सरकारी नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। साहेबपुरकमाल, मटिहानी, तेघड़ा, बलिया और बछवाड़ा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में नावें संचालित की जा रही हैं।
228 सामुदायिक रसोई और 80 राहत शिविर चिन्हित: संभावित रूप से विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों के लिए जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर केंद्र चिन्हित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 स्थल चिन्हित किए गए हैं। आकस्मिक परिस्थितियों में हवाई माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य के लिए 18 हेलीपैड स्थल भी चिन्हित किए गए हैं। तत्काल राहत के लिए जिले में 41,880 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध कराई गई हैं।
62 मोबाइल मेडिकल टीम रहेंगी तैयार: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए 62 मोबाइल मेडिकल टीमों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 19 अस्थायी और 29 स्थायी मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 122 प्रकार की आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
पशुओं के लिए भी विशेष तैयारी: जिला प्रशासन ने पशुधन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए हैं। जिले में 52 पशु कैंप चिन्हित किए गए हैं और पशुओं के उपचार के लिए 44 प्रकार की आवश्यक पशु औषधियां उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही संभावित बाढ़ को देखते हुए पशुओं के लिए 2,500 क्विंटल सूखा चारा अग्रिम रूप से भंडारित किया गया है।
प्रशासन की लोगों से अपील: जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और भयभीत न हों। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों, तटबंधों और तेज बहाव वाली जलधाराओं में अनावश्यक आवागमन से बचें। किसी भी आपात स्थिति, सहायता या सूचना के लिए 24×7 जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 9279808780 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा गंगा के जलस्तर एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है।





Total views : 103548