बेगूसराय। 30 अगस्त 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
शहर के हर्ष गार्डन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उत्तर बिहार की प्रदेश कार्यसमिति बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के जयघोष के साथ हुई। इसमें युवा शक्ति, विद्यार्थी आंदोलन, सोशल मीडिया के सदुपयोग, वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़े शैक्षणिक एवं सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों के साथ सामाजिक और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक ने विद्यार्थी, युवा और आंदोलन के संबंधों पर विचार रखते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद का कार्य केवल आंदोलनों तक सीमित नहीं है। आंदोलन के साथ व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण भी संगठन के कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद तिवारी ने Gen Z और Gen Alpha पीढ़ी के युवाओं की बदलती सोच तथा दिल्ली और झारखंड में हुए आंदोलनों के संदर्भ में युवा शक्ति की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर रचनात्मक कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर: प्रदेश मंत्री पुरुषोत्तम कुमार ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि आज विश्व के विभिन्न देश भारत की ओर उम्मीद और अपेक्षा के साथ देख रहे हैं। विदेशों में हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी बैठक में चर्चा का विषय बनाया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में स्थानीय शैक्षणिक समस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद आंदोलन करेगी।

प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं को केवल सदस्यता तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि सदस्यता के माध्यम से गुणात्मक कार्य को आगे बढ़ाना होगा। जयंती, छात्र पर्व और अभिनंदन जैसे कार्यक्रमों को औपचारिक आयोजन के बजाय नए एवं रचनात्मक कार्यों की शुरुआत का माध्यम बनाने पर जोर दिया गया।
Screen Time को Activity Time में बदलने का आह्वान: बैठक में सोशल मीडिया के उपयोग और उसके सदुपयोग पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को सकारात्मक गतिविधियों में बदलने का आह्वान किया गया। अध्ययन, खेल, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को सक्रिय रूप से जोड़ने की बात कही गई।इसके साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े डेटा को व्यवस्थित रूप से संरक्षित करने तथा अध्ययन मंडल और Study Circle के माध्यम से विद्यार्थियों में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया गया।
युवती सम्मेलन और मिशन साहसी की रूपरेखा तय: बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। 20 सितंबर से 20 अक्टूबर तक युवती सम्मेलनों के आयोजन तथा विभिन्न जिलों में जिला स्तरीय सम्मेलनों की योजना पर चर्चा हुई। वहीं 20 अक्टूबर से मिशन साहसी के माध्यम से कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया।
सदस्यता अभियान को सितंबर के अंत तक पूरा करने तथा कॉलेज एवं विश्वविद्यालय स्तर पर इकाइयों के गठन को गति देने पर भी जोर दिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि संगठन की प्राथमिकता केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बीच गुणात्मक कार्य और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
बैठक में प्रांत कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य अजीत चौधरी, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. पूनम कुमारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ममता कुमारी, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार, डॉ. मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







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