महिला समानता दिवस पर विशेष। 26 अगस्त। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
नारी सम्मान और महिला सुरक्षा को लेकर अपर्णा झा ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” का अर्थ केवल पूजा करना नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने की स्वतंत्रता देना है।
उन्होंने कहा कि आज सम्मान से पहले महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है। घर, स्कूल, ऑफिस और सड़क पर हर महिला को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। तभी समानता का वास्तविक अर्थ सामने आएगा।
अपर्णा झा ने कहा कि नारी समाज से अलग नहीं, बल्कि समाज का महत्वपूर्ण आधार है। उसकी अपनी पहचान और विचारों का सम्मान जरूरी है।उन्होंने कहा, “मेरी आवाज ही मेरी पहचान नहीं है, मेरी आवाज के आगे भी मुझे सुना जाए।”




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