बेगूसराय, 12 फरवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
चार श्रमकोड के विरोध में 10 केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को लेकर ट्रेड यूनियन के समर्थक सड़क पर उतरे। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा, विभिन्न सेवा संगठनों, फेडरेशनों, आशा, आंगनबाड़ी, विद्यालय रसोइया, ई-रिक्शा संघ सहित कई जनसंगठनों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। हड़ताल के माध्यम से केंद्र सरकार की श्रम, कृषि और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रतिरोध दर्ज कराया गया।

एलआईसी कैंपस से निकला विशाल जुलूस: एटक जिला महासचिव प्रह्लाद सिंह, सीटू के अंजनी कुमार सिंह, ऐक्टू जिला प्रभारी चन्द्रदेव वर्मा, एटक नेत्री उषा सहनी, किसान महासभा के बैजू सिंह तथा बिहार राज्य किसान सभा के दयानिधि चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर, किसान, महिलाएं और नौजवान एलआईसी जोनल कार्यालय (विष्णु सिनेमा हॉल) कैंपस से जुलूस की शक्ल में निकले। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पटेल चौक, कर्पूरी स्थान चौक, हिरालाल चौक और सदर अस्पताल चौक तक पहुंचा। इस दौरान प्रधान डाकघर, स्टेट बैंक, पीएनबी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और आरबीओ शाखाओं को बंद कराया गया तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

महिला कर्मियों की उल्लेखनीय भागीदारी: बस स्टैंड के समीप आंगनबाड़ी, आशा और विद्यालय रसोइया कर्मियों ने कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर अपने अधिकारों की मांग बुलंद की।आंगनबाड़ी जिलाध्यक्ष नीलम झा, आशा कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष मंजू देवी तथा विद्यालय रसोइया संघ (ऐक्टू संबद्ध) की जिलाध्यक्ष बुलबुल कुमारी, वीणा, हिरा वर्मा और प्रताप नारायण सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कर्मियों की भागीदारी देखी गई।

श्रमकोड को बताया मजदूर विरोधी: सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चारों श्रमकोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उनके अनुसार इससे स्थायी रोजगार समाप्त होगा, कार्य घंटे बढ़ेंगे और सामाजिक सुरक्षा कमजोर होगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ठेका प्रथा को बढ़ावा देकर सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। साथ ही किसानों के मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर भी तीखा विरोध दर्ज कराया गया।

कई राजनीतिक व छात्र संगठनों की उपस्थिति: आंदोलन में भाकपा जिला मंत्री अवधेश कुमार राय, भाकपा-माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, माकपा जिला मंत्री रत्नेश झा, ई-रिक्शा संघ ऐक्टू के रंजीत राज, कन्हैयालाल साह, राजेश श्रीवास्तव, एआईएसएफ के अमीन हामजा, आइसा के सोनू फर्नाज, एसएफआई के मजहर, अजय यादव, शंभू देवा, एआइवाइएफ के धीरेंद्र कुमार, रामाशिष राय, बीटीएमयू के ललन लालित्य तथा बीएसएसआर यूनियन के आर.एस. राय सहित कई नेताओं की उपस्थिति रही। संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने चेतावनी दी कि यदि श्रमकोड वापस नहीं लिए गए और जनविरोधी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक व तेज किया जाएगा।






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