बेगूसराय |18 फ़रवरी 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़ डेस्क
उच्च जोखिम समूहों में एचआईवी और अन्य यौन संचारित संक्रमणों की स्थिति का आकलन करने के लिए सेंटिनल सर्विलांस कार्यक्रम की शुरुआत 20 फरवरी 2026 से बेगूसराय में की जा रही है। यह अभियान HSS (HIV Sentinel Surveillance) राउंड-19 के अंतर्गत संचालित होगा। कार्यक्रम का संचालन बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति द्वारा लक्षित हस्तक्षेप परियोजना, बेगूसराय कार्यालय में किया जाएगा।
यह पहल राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन और बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहयोग से तीन माह तक चलेगी। इसका उद्देश्य एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी एवं अन्य संक्रमणों के प्रसार का वैज्ञानिक आकलन करना है। कार्यक्रम के तहत 250 एफएसडब्ल्यू (FSW) के ब्लड सैंपल एकत्र कर जांच हेतु अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजे जाएंगे। वहां तकनीकी विशेषज्ञों और डाटा प्रबंधकों द्वारा विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा, जिससे संक्रमण के रुझानों को समझने और रोकथाम की प्रभावी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में संस्था के कार्यपालक निदेशक ई. कौशलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि भारत में एचआईवी के रुझानों को समझने और नियंत्रण रणनीतियों को सटीक बनाने में यह सर्वेक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, उच्च जोखिम समूहों और गर्भवती महिलाओं में संक्रमण दर के सटीक आंकड़े नीति निर्माण और लक्षित हस्तक्षेप तय करने में सहायक होंगे।
परियोजना के सफल संचालन की जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधक पौरुष कुमार, परामर्शदाता अंबिका कुमारी एवं लैब टेक्नीशियन विशाखा कुमारी निभाएंगे। संबंधित कर्मियों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण पहले ही बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा प्रदान किया जा चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वैज्ञानिक सर्वेक्षण से समय रहते संक्रमण की पहचान और प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा, जिससे समाज को एचआईवी/एड्स के खतरे से बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।







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