3,360 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित, कुपोषित बच्चों के उपचार और रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली पर जोर
बेगूसराय, 28 मार्च 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय में समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित आईसीडीएस (ICDS) योजनाओं की व्यापक समीक्षा जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में की गई। इस दौरान जिले की सभी 18 बाल विकास परियोजनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

आंगनबाड़ी केंद्रों और मानव संसाधन की स्थिति: समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 18 बाल विकास परियोजनाएं और 3,360 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। वर्तमान में 12 सीडीपीओ और 80 महिला पर्यवेक्षिकाएं कार्यरत हैं, जबकि सेविकाओं के 133 और सहायिकाओं के 376 पद रिक्त हैं। डीएम ने इन रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।
सक्षम आंगनबाड़ी योजना में प्रगति: ‘सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र’ योजना के तहत वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वीकृत 193 केंद्रों पर कार्यों की समीक्षा की गई। सभी केंद्रों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने का कार्य शुरू हो चुका है। साथ ही पोषण वाटिका और बाला पेंटिंग के माध्यम से आधुनिकीकरण का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिस पर डीएम ने संतोष जताया।
पोषण अभियान में बेहतर प्रदर्शन: फरवरी 2026 की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बच्चों की माप दक्षता 95.23 प्रतिशत रही। कुल 2,41,098 बच्चों की माप की गई, जिनमें 91.6 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ पाए गए। वहीं 3.2 प्रतिशत बच्चे गंभीर कुपोषण (SAM) और 4.5 प्रतिशत बच्चे मध्यम कुपोषण (MAM) की श्रेणी में चिन्हित किए गए। डीएम ने कुपोषित बच्चों को पोषण एवं पुनर्वास केंद्र भेजकर उचित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मातृ वंदना और कन्या उत्थान योजना की स्थिति: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (MKUY) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 10,080 का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें से अब तक 8,876 आवेदन अपलोड किए जा चुके हैं, जो 88.06 प्रतिशत प्रगति दर्शाता है। बछवाड़ा परियोजना 118 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिले में शीर्ष पर रही।वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 14,550 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है, जो लक्ष्य का 61.6 प्रतिशत है।
आधारभूत सुविधाओं पर भी जोर: मनरेगा और नाबार्ड के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 3,066 केंद्रों पर पेयजल सुविधा उपलब्ध है। डीएम ने शेष केंद्रों पर जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना प्राथमिकता: बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी एवं पोषण योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






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