नई दिल्ली | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़ डेस्क
नई दिल्ली | 18 फ़रवरी 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़ डेस्क
भारत चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह चुनाव उन सदस्यों के स्थान पर कराया जा रहा है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। कुल 10 राज्यों की 37 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएगी। सभी सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।
चुनाव कार्यक्रम (महत्वपूर्ण तिथियाँ)
अधिसूचना जारी: 26 फरवरी 2026 नामांकन की अंतिम तिथि: 05 मार्च 2026 नामांकन पत्रों की जांच: 06 मार्च 2026 नाम वापसी की अंतिम तिथि: 09 मार्च 2026 मतदान: 16 मार्च 2026 (सुबह 09:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक) मतगणना: 16 मार्च 2026 (शाम 05:00 बजे से) चुनाव प्रक्रिया पूर्ण: 20 मार्च 2026 तक
📍 किन-किन राज्यों में चुनाव? : यह चुनाव महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश की रिक्त हो रही सीटों के लिए कराया जाएगा। चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
🏛️ अवकाश ग्रहण करने वाले प्रमुख सदस्यों का विवरण 👉 महाराष्ट्र: डॉ. भगवत किशनराव कराड,डॉ. फौजिया तहसीन अहमद खान, प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी, शरदचंद्र गोविंदराव पवार, धैर्यशील मोहन पाटिल, रजनी अशोकराव पाटिल, रामदास बंदू अठावले, 👉 ओडिशा: ममता मोहंता, मुजीबुल्ला खान, सुजीत कुमार, निरंजन बिशी 👉 तमिलनाडु: एन.आर. एलंगो, पी. सेल्वारासु, एम. थम्बिदुरई, तिरुची सिवा, डॉ. कनिमोझी एन.वी.एन. सोमूजी, के. वासन 👉 पश्चिम बंगाल : साकेत गोखले, ऋतब्रत बनर्जी, बिकाश रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर, सुब्रत बक्शी, 👉 असम: रामेश्वर तेली, भुवनेश्वर कलिता, अजीत कुमार भुइयां 👉 बिहार: अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, हरिवंश नारायण सिंह 👉 छत्तीसगढ़: कवि तेजपाल सिंह तुलसी, फूलो देवी नेताम 👉 हरियाणा: किरण चौधरी,राम चंदर जांगड़ा 👉 हिमाचल प्रदेश: इंदु बाला गोस्वामी 👉 तेलंगाना: डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, के.आर. सुरेश रेड्डी
🔎 राजनीतिक हलचल तेज: चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। प्रमुख दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। कई वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी को लेकर चर्चा तेज है, वहीं गठबंधन राजनीति भी अहम भूमिका निभा सकती है। राज्यसभा चुनाव का परिणाम संसद के उच्च सदन की संख्या संतुलन पर सीधा असर डालेगा, जिससे आने वाले समय में विधायी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।






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