बेगूसराय | 17 जनवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
महिला एवं बाल विकास निगम, बेगूसराय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को न्याय सखी (नारी अदालत) विषयक उन्मुखीकरण/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को वैकल्पिक विवाद समाधान और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
संवाद से समाधान संभव : डीएलएसए सचिव: कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेगूसराय के सचिव करुणानिधि आर्य ने किया। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार में उत्पन्न होने वाले कई छोटे विवाद आपसी संवाद से सुलझाए जा सकते हैं, जिससे न्यायालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा त्वरित समाधान संभव होता है।
महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था: उन्होंने जानकारी दी कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सुलह केंद्र के माध्यम से महिलाओं को निःशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही बलात्कार, मानव तस्करी और घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाओं को आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
मिशन शक्ति के तहत पाँच पंचायतों में गठित हुई नारी अदालत: महिला एवं बाल विकास निगम, बेगूसराय के जिला परियोजना प्रबंधक गौरव हैदर अली खान ने बताया कि मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत जिले की पाँच पंचायतों—धौली, राजापुर, रतनपुर, पगड़ा एवं सालिमचक में नारी अदालत का गठन किया गया है। नारी अदालत के सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता होते हैं, जो लैंगिक हिंसा की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी: वन स्टॉप सेंटर के केस वर्कर मणि भूषण मिश्र ने महिला एवं बाल विकास निगम की विभिन्न योजनाओं जैसे— जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, पालनाघर, सामाजिक पुनर्वास कोष और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 181 या 9771468005 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा कानूनों पर चर्चा: जिला मिशन समन्वयक राज कुमार सिन्हा ने महिलाओं को रोजगार एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली योजनाओं की जानकारी दी तथा बाल विवाह और दहेज प्रथा की रोकथाम से जुड़े कानूनों पर प्रकाश डाला। वहीं वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक वीणा कुमारी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की जानकारी दी।
कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए ICC और LCC की भूमिका: वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ संजीत कुमार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाली लैंगिक हिंसा की रोकथाम हेतु आंतरिक शिकायत समिति (ICC) और स्थानीय परिवाद समिति (LCC) के गठन और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।






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