मुजफ्फरपुर | 7 जनवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी रेलखंड को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जुब्बा सहनी से डुमरा तक छह लेन रेल लाइन तथा डुमरा–परसौनी बाईपास रेल लाइन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह रेल परियोजना माता सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी को श्रीराम की नगरी अयोध्या से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे उत्तर बिहार के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सर्वे पूरा, जमीन अधिग्रहण की तैयारी: चार महीने पहले डबल लाइन और डुमरा–परसौनी बाईपास रेल लाइन का संयुक्त सर्वे कराया गया था। संबंधित जिलों के सीओ और कर्मचारियों की रिपोर्ट समस्तीपुर रेलमंडल को सौंपी गई। इसके बाद सीनियर डीओएम विजय प्रकाश ने यातायात निरीक्षक मनोज कुमार सिंह सहित रेल अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया। जुब्बा सहनी से डुमरा तक छह लेन रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर बिहार और जनकपुर धाम को लाभ: इस रेल बाईपास से सीतामढ़ी, शिवहर, बाजपट्टी, जनकपुर रोड और जनकपुर धाम से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा के बीच ट्रेनों की आवाजाही और सुगम होगी।
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी रेलखंड के प्रमुख स्टेशन: मुजफ्फरपुर, जुब्बा सहनी, ताराजोवर, परमजीवर, रुन्नीसैदपुर, गड़हा, डुमरा, भीसा हाल्ट और सीतामढ़ी स्टेशन इस रेलखंड के अंतर्गत आते हैं। यह परियोजना धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से उत्तर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी विस्तार साबित होगी।
सीतामढ़ी जंक्शन पर भारी दबाव: फिलहाल सीतामढ़ी जंक्शन पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव है।यहां कई ट्रेनों को इंजन बदलने और लाइन क्लियरेंस में समय लग जाता है, जिससे परिचालन प्रभावित होता है। मुजफ्फरपुर, जूबा सहनी और दरभंगा की ओर जाने वाली ट्रेनों को अक्सर इंतजार करना पड़ता है।
डुमरा–परसौनी बाइपास से क्या होगा फायदा? : नई बाइपास लाइन बनने के बाद—मालगाड़ियों और एक्सप्रेस ट्रेनों को सीतामढ़ी स्टेशन पर रुकना नहीं पड़ेगा। इंजन बदलने में लगने वाला समय बचेगा। दरभंगा और अयोध्या की ओर जाने वाली ट्रेनों की गति बढ़ेगी।
6 लेन परियोजना का महाविस्तार: रेलवे प्रशासन ने—जमीन अधिग्रहण के लिए सीओ स्तर पर बातचीत के निर्देश दिए हैंसीनियर डीआरएम द्वारा परियोजना का निरीक्षण किया गया है। प्राथमिक फोकस जूबा सहनी से डुमरा सेक्शन पर हैयह परियोजना भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
अयोध्या धाम से मजबूत होगा मिथिला का जुड़ाव: इस रेल परियोजना से—सीतामढ़ी (माता सीता की जन्मस्थली) औरअयोध्या (श्रीराम की नगरी)के बीच सीधा और मजबूत रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे धार्मिक पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।रूट के प्रमुख स्टेशनइस रेलखंड के प्रमुख स्टेशन होंगे—मुजफ्फरपुर, जूबा सहनी, ताजपुर, परसौनी, डुमरा, भीटा हॉल्ट,
सीतामढ़ी कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगा बढ़ावा: इस परियोजना से—उत्तर बिहार के यात्रियों को बड़ी राहतट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधारव्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरसाथ ही, शिवहर, जनकपुर धाम और अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा और सुगम हो जाएगी।
✍️ नेशनल पॉजिटिव न्यूज़(सकारात्मक और विकासपरक पत्रकारिता)






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