बेगूसराय | 5 अप्रैल 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
नालंदा जिले के नूरसराय में महिला के साथ हुई शर्मनाक घटना के विरोध में भाकपा माले और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने संयुक्त रूप से विरोध मार्च निकाला। यह मार्च भाकपा माले कार्यालय कमलेश्वरी भवन से शुरू होकर ट्रैफिक चौक पहुंचा, जहां सभा में तब्दील हो गया।
“महिला सम्मान पर भाजपा-जदयू को बोलने का हक नहीं”: सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने नूरसराय की घटना को भाजपा-जदयू शासन पर “काला धब्बा” बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज को शर्मसार कर रही हैं और कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है, जिससे महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने नूरसराय की घटना की तुलना मणिपुर की घटना से करते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।
महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार पर जताई चिंता: ऐपवा की महिला नेत्री मालती श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा-जदयू सरकार महिलाओं पर बोझ बन गई है और उसे सत्ता से हटाना चाहिए। उन्होंने नूरसराय की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा दी जाए और पीड़िता व उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।“
अपराध और पुलिस जुल्म बढ़े, लोगों का भरोसा घटा”: वक्ताओं ने कहा कि राज्य में अपराध और पुलिसिया जुल्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों का सरकार और कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।कार्यक्रम में चन्द्रदेव वर्मा, राजेश श्रीवास्तव, दीपक सिन्हा, पुनम देवी, रामानंद महतो, राजाराम आर्य, कन्हैयालाल साह, गीता देवी, सुशीला देवी, प्रियंका देवी, नीलेश झा, विक्रम कुमार, सुरेश पासवान, भूषण भारती, कौशल पंडित, छोटू सहित दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घटना पर रोष व्यक्त किया।







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