बेगूसराय/पटना, 14 मार्च 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के क्रम में शनिवार को बेगूसराय जिले के बियाडा प्रांगण में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार में पिछले दो दशकों में हुए विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ और विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया गया है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव का दावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से 2 लाख 58 हजार शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षक बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत अब तक लाखों शिक्षक परीक्षा पास कर चुके हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 से सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की व्यवस्था की गई है। पहले जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बहुत कम मरीज आते थे, वहीं अब हर महीने हजारों लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

सड़क, पुल और कृषि विकास पर सरकार का फोकस: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों, पुल-पुलियों और बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विकास किया गया है। अब दूरदराज क्षेत्रों से पटना पहुंचने में पहले की तुलना में काफी कम समय लगता है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप बनाकर काम किया जा रहा है, जिससे अनाज, फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन में बिहार अब आत्मनिर्भर बन चुका है।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्योग पर जोर: मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और लगभग 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए उद्योग स्थापना, स्टार्टअप और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पंचायतों और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1 करोड़ 69 लाख से अधिक महिलाएं ‘जीविका’ से जुड़ चुकी हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
बेगूसराय के विकास के लिए कई परियोजनाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि बेगूसराय जिले में सड़क, पुल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, जीएनएम और पारा-मेडिकल संस्थान की स्थापना की गई है।इसके अलावा कई विकास योजनाओं पर भी काम चल रहा है, जिनमें शामिल हैं: 👉 तेघड़ा-मुबारकपुर सड़क का चौड़ीकरण 👉 बखरी-बहादुरपुर बाईपास का निर्माण 👉 बेगूसराय बाईपास सड़क का सुदृढ़ीकरण 👉 कावर झील क्षेत्र में नालों की उड़ाही और चेकडैम निर्माण 👉 सिमरिया घाट का विकास 👉 शाम्हो प्रखंड के अकहा कुरहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना
सात निश्चय-3 के तहत जिले में होंगे नए विकास कार्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत अगले पांच वर्षों में बेगूसराय जिले में कई विकास परियोजनाएं लागू की जाएंगी। इसके तहत: 👉 4.41 लाख महिलाओं को रोजगार सहायता 👉 जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना 👉 48 गांवों में दूध उत्पादन समितियां 👉 सभी 229 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र 👉 सभी 18 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज 👉 स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत अस्पताल के रूप में विकसित करना 👉 मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद: जन संवाद कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, बछवाड़ा विधायक रजनीश कुमार, चेरियाबरियारपुर विधायक अभिषेक आनंद, मेयर पिंकी देवी, सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक, विधान पार्षद, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।







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