बेगूसराय | 5 फरवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बेगूसराय जिले में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। जिले के सभी 18 प्रखंडों में उच्च जोखिम समूह (High Risk Group) की पहचान का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को सदर अस्पताल, बेगूसराय में पीएमपीएसई कार्यक्रम के तहत समुदाय सलाहकार समिति की तृतीय एवं अंतिम बैठक आयोजित की गई।
कार्यों की समीक्षा और प्रतिवेदन सौंपने का निर्णय: बैठक की अध्यक्षता जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने की। बैठक में अब तक किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और इसे अंतिम रूप देते हुए प्रतिवेदन बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति को सौंपने का निर्णय लिया गया। जिला स्तर पर प्राप्त आंकड़ों के आधार पर राज्य स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर इसे राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) को भेजा जाएगा।
भविष्य की कार्ययोजना पर हुई चर्चा: बैठक में बताया गया कि जिले में नेटवर्क ऑपरेटर मोड का भी सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है, जिस पर भविष्य में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद जिले के सभी चिन्हित समूहों के बीच व्यापक जागरूकता एवं रोकथाम कार्यक्रम चलाया जाएगा।
सोर्स माइग्रेंट के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा: बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति के कार्यपालक निदेशक कौशलेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि बेगूसराय जिले में एचआईवी नियंत्रण की दिशा में ठोस पहल करते हुए सोर्स माइग्रेंट के बीच जागरूकता अभियान एवं एचआईवी–सिफलिस जांच कार्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा।
बैठक में कई अधिकारी व कर्मी रहे उपस्थित: बैठक में प्रभारी डीआईएस संतोष कुमार संत, एआरटी से आशीष पाठक, एसटीडी परामर्शदाता राहुल श्री, लैब टेक्नीशियन शंभू दास, परियोजना प्रबंधक पौरुष कुमार, परामर्शदात्री अंबिका कुमारी, मॉनिटरिंग एवं इवेलुएशन सह अकाउंटेंट अभिषेक कुमार पवन, क्षेत्रीय कार्यकर्ता आशुतोष कुमार, ओंकार सिंह, अभिषेक कुमार, लक्ष्मी, रीता सहित लिंक वर्कर स्कीम, सीएससी, प्रिजन के कार्यकर्ता एवं समुदाय सलाहकार समिति के सदस्यों ने अपने विचार रखे।




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