बेगूसराय। 13 सितम्बर 2025
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से संबद्ध जी.डी कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में एचआईवी एवं एड्स पर विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना और सुरक्षित जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और संदेश: अभियान की शुरुआत सेहत केंद्र की नोडल ऑफिसर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट-1 की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सहर अफ़रोज़, यूनिट-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार और पियर एडुकेटर सुमित कुमार के संयुक्त उद्बोधन से हुई। डॉ. सहर अफ़रोज़ ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे से दूर रहना और सुरक्षित व्यवहार अपनाना ही एड्स से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
एचआईवी-एड्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी: पियर एडुकेटर सुमित कुमार ने बताया कि एचआईवी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जो आगे चलकर एड्स में बदल जाता है। अभी इसका स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन एंटी रेट्रो वायरल थैरेपी (ART) द्वारा मरीज लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एड्स छूने, हाथ मिलाने, साथ बैठने या भोजन करने से नहीं फैलता। यह केवल असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, नशे की सुई साझा करने और प्रसव के दौरान संक्रमित मां से बच्चे में ही फैलता है।
जागरूकता का महत्व: समापन सत्र में यूनिट-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है। हर स्वयंसेवक का दायित्व है कि वह न केवल खुद जागरूक बने, बल्कि समाज और परिवार को भी जागरूक करे।
छात्रों की भागीदारी: अभियान में पियर एडुकेटर सुमित कुमार, अजित कुमार, रौशन कुमार, सायमा, फलक, विक्रम राठौड़, राजन गुप्ता, गुलशन, अभिनव, प्रिंस केशरी, अमन, गोविन्द, सूरज, शहनाज खातून, सोनी कुमारी और मुस्कान कुमारी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।





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