बेगूसराय/बरौनी | 12 जनवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
इंडियनऑयल की बरौनी रिफाइनरी में विश्व हिंदी दिवस 2026 एवं हीरक जयंती के अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 10 जनवरी 2026 को रिफाइनरी परिसर में साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ : कवि सम्मेलन का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख सत्य प्रकाश, कार्यकारी निदेशक (परियोजना एवं कोर ग्रुप) संजय रायजादा, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) भास्कर हजारिका, वरिष्ठ कवि अशान्त भोला, अजय अंजाम, पी के आज़ाद, डॉ. सौरभ कांत शर्मा, मीनाक्षी दिनेश, केशव प्रभाकर, आई.ओ.ओ.ए. सचिव विनम्र बसिवर तथा विप्स समन्वयक मीनाक्षी ठाकुर ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया।
हिंदी के वैश्विक महत्व पर प्रकाश: कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि बरौनी रिफाइनरी पिछले छह दशकों से राष्ट्र सेवा में समर्पित है। विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य हिंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करना है। आज हिंदी विश्व के सैकड़ों विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है और करोड़ों लोग इसे बोलते हैं। उन्होंने बताया कि राजभाषा विभाग, भारत सरकार के निर्देशानुसार रिफाइनरी में हिंदी कार्यान्वयन को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की रही उपस्थिति: कवि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने कवियों की रचनाओं को ध्यानपूर्वक सुना और हिंदी साहित्य को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में साहित्यिक चेतना और भाषा के प्रति जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
वरिष्ठ कवियों ने बांधा समां: सम्मेलन में वरिष्ठ कवि अशान्त भोला, अजय अंजाम, पी.के. आज़ाद, डॉ. सौरभ कांत शर्मा, मीनाक्षी दिनेश और केशव प्रभाकर ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का संचालन पी.के. आज़ाद ने किया।
साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में अग्रणी बरौनी रिफाइनरी: इस अवसर पर रिफाइनरी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बरौनी के सदस्य उपस्थित रहे। यह सम्मेलन न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि हिंदी साहित्य के प्रति नई ऊर्जा और संवेदना का संचार करने वाला एक सार्थक प्रयास भी सिद्ध हुआ। बरौनी रिफाइनरी ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि वह औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।






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