ढाका | 30 दिसंबर 2025 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का आज मंगलवार सुबह लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बीएनपी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 6 बजे ढाका के एवरकेयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। पार्टी के बयान में कहा गया है कि खालिदा जिया का निधन फज्र की नमाज के तुरंत बाद हुआ। वह पिछले एक महीने से अधिक समय से इसी अस्पताल में भर्ती थीं और उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।
🏥 लंबे समय से चल रहा था इलाज: बीएनपी के अनुसार, 23 नवंबर 2025 को दिल और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के बाद खालिदा जिया को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने अंतिम दिनों में वह निमोनिया से भी पीड़ित थीं और लगभग 36 दिनों तक मेडिकल निगरानी में रहीं। पूर्व प्रधानमंत्री पिछले कई वर्षों से लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, गठिया, किडनी, फेफड़े, दिल और आंखों से जुड़ी पुरानी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके इलाज के लिए एक मल्टीडिसिप्लिनरी मेडिकल टीम गठित की गई थी, जिसमें बांग्लादेश के साथ-साथ यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, चीन और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल थे।
✈️ विदेश इलाज की योजना टली: इसी महीने उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदेश भेजने पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि डॉक्टरों की सलाह के बाद इस योजना को टाल दिया गया, क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए अनुकूल नहीं मानी गई।
👩⚖️ पहली महिला प्रधानमंत्री, दो बार संभाली सत्ता: बेगम खालिदा जिया, बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं। उन्होंने बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचा और दो बार देश की बागडोर संभाली—पहला कार्यकाल: 1991 से 1996, दूसरा कार्यकाल: 2001 से 2006।
1991 में उनके नेतृत्व में बांग्लादेश में संसदीय लोकतंत्र की बहाली हुई, जिसे उनके सबसे बड़े राजनीतिक योगदानों में गिना जाता है।
⚔️ शेख हसीना से दशकों पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता: खालिदा जिया की राजनीति की सबसे बड़ी पहचान उनकी शेख हसीना के साथ लंबी और तीखी प्रतिद्वंद्विता रही। बीएनपी और अवामी लीग के बीच सत्ता संघर्ष ने बांग्लादेश की राजनीति को दशकों तक प्रभावित किया।
⚖️ विवाद और कानूनी चुनौतियां: 2008 के बाद खालिदा जिया पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले दर्ज हुए। दोषसिद्धि के बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा, हालांकि गंभीर बीमारी के कारण बाद के वर्षों में उन्हें विशेष राहत और इलाज की अनुमति दी गई। उनके समर्थकों का हमेशा यह आरोप रहा कि ये मामले राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किए गए थे।
👨👩👦 परिवार और निजी जीवन: खालिदा जिया के परिवार में उनके बड़े बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान, उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जायमा रहमान हैं। तारिक रहमान हाल ही में 17 वर्षों के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे थे। उनके छोटे बेटे अराफात रहमान कोको का कुछ वर्ष पहले मलेशिया में निधन हो चुका है।
🕊️ शोक की लहर, एक युग का अंत: खालिदा जिया के निधन के बाद बांग्लादेश सहित पूरे दक्षिण एशिया के राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बीएनपी नेताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने उनके निधन को देश की राजनीति में एक युग का अंत बताया है। पार्टी ने अपने बयान में कहा,“हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और सभी से यही अनुरोध करते हैं।”
🕯️ निष्कर्ष: बेगम खालिदा जिया का जीवन सत्ता, संघर्ष, लोकप्रियता और विवाद—चारों का प्रतीक रहा। वे बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐसी नेता थीं, जिनकी भूमिका और विरासत को लंबे समय तक याद किया जाएगा।






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