बेगूसराय, 3 मार्च 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
अधिकांश जगह 4 मार्च को होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। अभी से बाजारों और मोहल्लों में उत्साह का माहौल है। हालांकि, चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि रंगों और केमिकल पदार्थों से होने वाले संभावित नुकसान से बचने के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

त्वचा और आंखों की सुरक्षा पर विशेष जोर: बेगूसराय के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार ने कहा कि होली खेलते समय थोड़ी सावधानी रखने से त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र को नुकसान से बचाया जा सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा एलर्जी या अस्थमा के मरीजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
✅ किस तरह का रंग इस्तेमाल करें?: डॉ. राहुल ने प्राकृतिक (हर्बल) रंगों के उपयोग की सलाह दी। अच्छे विकल्पों में टेसू/पालाश, गुलाब और गेंदा के फूलों से बने रंग, हल्दी-बेसन से बना पीला रंग, चुकंदर से तैयार गुलाबी रंग तथा कॉर्नस्टार्च आधारित हर्बल गुलाल शामिल हैं। रंग खरीदते समय “Herbal”, “Non-toxic” और “Skin friendly” लेबल अवश्य देखें।
❌ किन रंगों से बचें?: धातु युक्त रंग (लेड, क्रोमियम, मरकरी), ऑयल पेंट, ग्रीस, गहरे चमकीले पाउडर और मेटैलिक सिल्वर/गोल्डन रंगों से बचना चाहिए। ये त्वचा एलर्जी, डर्मेटाइटिस, आंखों के संक्रमण और अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं।
होली खेलने से पहले बरतें ये सावधानियां: डॉ. राहुल कुमार ने सुझाव दिया कि होली खेलने से पहले चेहरे और शरीर पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं। बालों में तेल लगाएं, नाखून छोटे रखें और फुल स्लीव कपड़े पहनें। कॉन्टैक्ट लेंस की जगह चश्मे का उपयोग बेहतर रहेगा। अगर रंग आंखों में चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएं। जलन बनी रहने पर चिकित्सक से परामर्श लें। अस्थमा मरीज मास्क लगाएं और इनहेलर साथ रखें।
जबरदस्ती रंग न डालें, नशे से रहें दूर: चिकित्सकों ने अपील की कि किसी पर जबरदस्ती रंग न डालें। जानवरों पर रंग लगाने से बचें। कीचड़, सीमेंट, अंडे या केमिकल पेंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। नशे की हालत में होली खेलने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

होली में दांतों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी: बेगूसराय शहर के पिपरा रोड स्थित प्रसिद्ध डेंटिस्ट डॉ आशीष सुमन और डॉ रजनी बरनवाल ने बताया कि होली में दांतों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। डॉ. रजनी ने कहा कि ज्यादा मीठा खाने और केमिकल युक्त रंगों से दांतों को नुकसान हो सकता है। अगर खेलते समय गिरने से दांत में चोट लग जाए तो प्रभावित हिस्से को साफ करें, कॉटन रखें और ठंडी सिकाई करें। खून न रुके तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि मुंह में रंग चला जाए तो साफ पानी से कुल्ला करें। रंग पेट में चला जाए तो एक कप ठंडा दूध पी सकते हैं। कॉस्मेटिक फिलिंग या टीथ व्हाइटनिंग करवा चुके लोग दाग-धब्बों से बचाव करें। जरूरत पड़ने पर डेंटल क्राउन या कस्टमाइज माउथगार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सलाह: बच्चों और बुजुर्गों को हल्के प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने दें। धूप में ज्यादा देर न रहें और समय-समय पर चेहरा धोते रहें। अंत में चिकित्सकों ने सभी सभी को सुरक्षित, संयमित और खुशहाल होली मनाने की शुभकामनाएं दीं।






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