बेगूसराय, 31 अगस्त 2025।
बीएसएसआर यूनियन की ओर से अखिल भारतीय फेडरेशन एफएमआरएआई के भूतपूर्व महामंत्री डी.पी. दुबे की पुण्यतिथि पर एक कन्वेंशन का आयोजन स्थानीय संत ऑगस्टिन अकादमी, सर्वोदय नगर, बेगूसराय में किया गया। कन्वेंशन का विषय था — “दवा की मूल्य में वृद्धि एवं सरकार की भूमिका”।
अध्यक्षता और संचालन: कन्वेंशन की अध्यक्षता स्थानीय अध्यक्ष रीतेश कुमार ने की, जबकि संचालन स्थानीय सचिव राकेश कुमार ने किया। विषय प्रवेश राज्य सचिव पी.के. वर्मा और संयुक्त महामंत्री आर.एस. रॉय ने किया।

रखी गई प्रमुख मांगें: 👉दवा के मूल्य नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। 👉सरकारी अस्पतालों में दवा प्रतिनिधियों के काम करने पर लगी रोक हटाई जाए। 👉नकली दवाओं की बिक्री पर तुरंत रोक लगे। 👉ऑनलाइन दवा की बिक्री पर रोक लगाई जाए। 👉दवा पर जीरो जीएसटी लागू किया जाए।
वक्ताओं के विचार: पी.के. वर्मा ने दवा मूल्य नियंत्रण की तत्काल जरूरत बताई और अस्पतालों में प्रतिनिधियों की रोक हटाने की मांग की। आर.एस. रॉय ने कहा कि सरकार को डीपीसीओ को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए। आईएमए के राज्य संयुक्त सचिव डॉ. राम रेखा ने लगातार बढ़ रही दवा कीमतों पर चिंता जताते हुए सरकार से प्रभावकारी हस्तक्षेप की अपील की। भाषा (BHASHA) के जिला सचिव डॉ. ब्रजेश कुमार ने दवा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता बताई। सीटू के राज्य सचिव सुरेश प्रसाद सिंह, रामविनय सिंह और अंजनी कुमार सिंह ने सरकारी दवा कंपनियों को पुनर्जीवित करने की मांग की। मुकेश कुमार प्रियदर्शी (महामंत्री, बेगूसराय पब्लिक स्कूल एसोसिएशन) ने दवा मूल्य वृद्धि के खिलाफ एकजुट संघर्ष का आह्वान किया। आनन्द ईश्वर (बेगूसराय स्वास्थ्य सेवा) ने दवा क्षेत्र में जीडीपी का 5% हिस्सा अलॉट करने की मांग की। बड़ी संख्या में भागीदारी : कन्वेंशन में बीएसएसएस के करीब 150 सदस्य शामिल हुए और दवा मूल्य वृद्धि के खिलाफ अपनी एकजुटता दिखाई।






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