बेगूसराय | 12 अक्टूबर, 2025 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
सरकारी सेवकों के लिए सख्त निर्देश जारी : बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, बेगूसराय ने सभी सरकारी सेवकों के लिए आदर्श आचार संहिता के तहत कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी सरकारी सेवक किसी राजनीतिक दल या संगठन से नहीं जुड़ेंगे, न ही किसी राजनीतिक आंदोलन या गतिविधि में भाग लेंगे। बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 6 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134ए का पालन करना अनिवार्य होगा। सरकारी सेवकों को किसी उम्मीदवार को चंदा देने, प्रचार करने या जनसभाओं में भाग लेने से मना किया गया है। निर्वाचन में हस्तक्षेप, प्रभाव का प्रयोग या किसी उम्मीदवार के एजेंट के रूप में कार्य करना दंडनीय अपराध होगा, जिसके लिए तीन माह तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यदि किसी सरकारी सेवक के परिवार का कोई सदस्य उम्मीदवार है, तो इसकी तत्काल सूचना जिला प्रशासन को देनी होगी। जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बेगूसराय में मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण प्रारंभ: आगामी बिहार विधान सभा चुनाव को लेकर रविवार को बेगूसराय के बीपी प्लस टू हाई स्कूल एवं एमआरजेडी कॉलेज में मतदान कर्मियों का प्रथम चरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि आज कुल 2400 सेक्टर पदाधिकारियों एवं पोलिंग पार्टियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें ईवीएम-वीवीपैट संचालन, मतदान प्रक्रिया, दस्तावेज संधारण, और आचार संहिता के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। नोडल पदाधिकारी, कार्मिक कोषांग के अनुसार, जिले में कुल 22,264 मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना है, जिसमें से अब तक 14,400 कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदान कर्मियों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण से परिचित कराना और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
जिला प्रशासन ने की अपील: जिला पदाधिकारी ने सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे निर्वाचन समाप्त होने तक आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें और निष्पक्षता बनाए रखें, ताकि लोकतंत्र की प्रतिष्ठा बनी रहे।





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