बेगूसराय, 15 मार्च 2026| नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
हिन्दी के सुप्रसिद्ध विद्वान एवं मार्क्सवादी चिंतक कॉ० जनार्दन प्रसाद सिंह के निधन पर बेगूसराय के प्रगतिशील साहित्यकारों और संस्कृतिकर्मियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। वे 14 मार्च को नई दिल्ली में अपने छोटे पुत्र प्रो० संजीव कुमार के आवास पर चिरनिद्रा में लीन हो गए। जनवादी लेखक संघ, बिहार के राज्य सचिव कुमार विनीताभ ने अपने शोक संदेश में कहा कि जनार्दन प्रसाद सिंह सच्चे अर्थों में जनवादी चिंतक थे। छात्र जीवन में ही वे अविभाजित कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े और पार्टी के निर्देश पर सरकारी शिक्षक की नौकरी छोड़कर 1962 में चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा।
जनवादी लेखक संघ, बेगूसराय के संरक्षक दीनानाथ सुमित्र ने कहा कि उनके निधन से जिले के विद्वत समाज का एक “लाल सितारा” अस्त हो गया। उन्होंने अनेक युवाओं को जनवादी विचारधारा से जोड़ने का कार्य किया।
जलेसं के जिला सचिव राजेश कुमार ने बताया कि जनार्दन बाबू का जन्म चेरिया बरियारपुर के मेंहदाशाहपुर गाँव के एक किसान परिवार में हुआ था। वे प्रख्यात इतिहासकार प्रो० राम शरण शर्मा के बहनोई भी थे। जलेसं बेगूसराय के अध्यक्ष डॉ० राजेन्द्र साह, डॉ० चन्द्रशेखर चौरसिया, अभिनंदन झा, अनुपमा सिंह, प्रभा कुमारी, डॉ० निरंजन कुमार जीडी कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक कुंदन, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. जिक्रुल्लाह खान, कोषाध्यक्ष रंजन कुमार, साहित्यकार कला कौशल, संतोष अनुराग, डॉ. ललिता कुमारी सहित कई साहित्यकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को जनवादी साहित्यिक जगत की बड़ी क्षति बताया।







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