बच्चों और अभिभावकों के साथ शिक्षा और बाल अधिकारों पर संवाद, आश्रय गृह व स्पॉन्सरशिप योजना पर भी चर्चा
बेगूसराय। 24 अगस्त 2025
सामाजिक संस्था “बच्चों की पाठशाला” में आज बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (BSCPCR) के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास का स्वागत किया गया। सबसे पहले, डॉ. दास ने बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई, जीवनशैली तथा सपनों के बारे में जाना। बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया और कहा कि “शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है”। इसके अलावा, उन्होंने बच्चों को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों को समझने की भी सलाह दी।
बच्चों से बातचीत और शिक्षा पर प्रेरणादायी संदेश: इसके बाद, अभिभावकों से संवाद करते हुए डॉ. दास ने कहा कि बच्चों की अच्छी परवरिश और शिक्षा में परिवार की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार बाल संरक्षण और अधिकारों के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि, समाज की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है ताकि बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके।
शिक्षकों ने साझा किए प्रयास और चुनौतियां : इसी दौरान, संस्था के समर्पित शिक्षक रजनीकांत, अशोक, सोनी, रीता, मणिकांत और विक्की भाटिया भी उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने बच्चों की शिक्षा में हो रहे प्रयासों और सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
मांग पत्र सौंपा गया, आश्रय गृह और स्पॉन्सरशिप योजना की मांग: अंत में, संस्था के संचालक रौशन कुमार ने डॉ. दास को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें दो प्रमुख मुद्दे रखे गए — पहला, विधवा महिलाओं के बच्चों को मिलने वाली स्पॉन्सरशिप योजना में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाए। दूसरा, बेगूसराय में एक वृहद बाल आश्रय गृह (shelter home) की स्थापना की जाए। रौशन कुमार ने कहा कि अगर यह मांगें पूरी होती हैं तो ज़रूरतमंद बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
डॉ. दास का आश्वासन और संस्था की सराहना : इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, डॉ. दास ने आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को आयोग और संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे। साथ ही, उन्होंने “बच्चों की पाठशाला” द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में सोनाली, बादल, कीमती, कुमकुम, खुशी, नीतीश, शीतल, नंदनी सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।






Total views : 68975










