बेगूसराय, 12 फरवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
संयुक्त ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के कार्यकर्ता बेगूसराय में सड़कों पर उतर आए। संगठन के नेताओं ने केंद्र सरकार की श्रम, कृषि और शिक्षा नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान छात्र-युवाओं ने जुलूस निकालकर विभिन्न सरकारी व बैंकिंग संस्थानों को बंद कराने में भागीदारी की।

सरकार पर शिक्षा और श्रम विरोधी होने का आरोप : एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि वर्तमान सरकार मजदूर, किसान और छात्र-नौजवानों की शिक्षा एवं रोजगार की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान-मजदूर विरोधी कानूनों और नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूजीसी और एआईसीटीई जैसी संस्थाओं को कमजोर कर शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। साथ ही वीबीएसए (विकास भारत शिक्षा अधिष्ठान) जैसे प्रस्तावित विधेयकों को उन्होंने “खतरनाक” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों की स्थिति पर चिंताए: आईएसएफ के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों की स्थिति लगातार खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया बजट से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र के प्रति गंभीर नहीं है।
बाजार और बैंक रहे प्रभावित: जानकारी के अनुसार, 12 फरवरी 2026 को एआईएसएफ कार्यकर्ताओं ने भाकपा जिला मंत्री अवधेश कुमार राय, संगठन मंत्री राजेंद्र चौधरी और शिक्षक नेता प्रताप नारायण सिंह के नेतृत्व में विष्णु हॉल कैंपस से जुलूस निकाला।जुलूस मेन रोड, मार्केट, नगर निगम, पोस्ट ऑफिस होते हुए एसबीआई, यूको बैंक, एचडीएफसी सहित कई बैंकों तक पहुंचा। कचहरी रोड, ट्रैफिक चौक और हर-हर महादेव चौक तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया।
सभा की अध्यक्षता एआईवाईएफ के राज्याध्यक्ष शंभू देवा ने की। कार्यक्रम में एआईएसएफ राष्ट्रीय परिषद सदस्य कैसर रेहान, किशन कुमार, बिपिन कुमार, मधुकर सिंह, अंकित कुमार, प्रकाश कुमार, अनुभव कुमार सहित दर्जनों छात्र-नौजवान मौजूद रहे।






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