बेगूसराय/पटना, 11 मार्च 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली के लिए जारी ड्राफ्ट स्टैच्यूट-2025 के कुछ प्रावधानों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने आपत्ति जताई है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने राज्यपाल सह कुलाधिपति को पत्र लिखकर इसमें सुधार की मांग की है।
उम्र सीमा घटाने पर विरोध: AISF का कहना है कि ड्राफ्ट में अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष से घटाकर 45 वर्ष करने का प्रस्ताव हजारों शोधार्थियों और अभ्यर्थियों के लिए नुकसानदायक है। संगठन के अनुसार यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में दिए गए अवसर की समानता के सिद्धांत के विपरीत है और लंबे समय से शोध कार्य कर रहे अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
शोध और अनुभव को महत्व देने की मांग: अमीन हमजा ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में पीएचडी, शोध पत्र प्रकाशन और पूर्व शिक्षण अनुभव के वेटेज को हटाना उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता होगा। इसके साथ ही 160 अंकों की लिखित परीक्षा और अनुभव को शून्य मानने के प्रस्ताव को अतिथि शिक्षकों के प्रति असंवेदनशील बताया गया।
AISF की प्रमुख मांगें: संगठन ने राज्यपाल से मांग की है कि अधिकतम उम्र सीमा को पुनः 55 वर्ष किया जाए, पीएचडी और शोध अनुभव के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएं तथा नियुक्ति प्रक्रिया में बिहार के स्थायी निवासियों के लिए उचित संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। AISF ने कहा कि इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ड्राफ्ट में संशोधन किया जाए।







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