नेशनल पॉजिटिव न्यूज़ |3 दिसम्बर 2025। बेगूसराय।
बेगूसराय में हाल ही में अतिक्रमण हटाने के दौरान झुग्गी-झोपड़ियों पर चलाए गए बुलडोजर और जेंट्स पुलिस द्वारा महिला पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 3 दिसंबर 2025 को एआईएसएफ और एआईवाईएफ ने संयुक्त रूप से प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च की अगुवाई एआईएसएफ राष्ट्रीय परिषद सदस्य कैसर रेहान और जिला उपाध्यक्ष बसंत कुमार ने की।
कोर्ट के आदेश के बावजूद बेघर किए जा रहे भूमिहीन — अमीन हमजा का आरोप : प्रतिरोध मार्च को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि न्यायालय का स्पष्ट आदेश है—भूमिहीनों को बेदखल करने से पहले सरकार उन्हें आवास उपलब्ध कराए। लेकिन वर्तमान भाजपा-जदयू सरकार बिहार भर में गरीब और बेबस लोगों के घरों को बिना नोटिस और बिना आवास दिए जबरन खाली करवा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर “योगी मॉडल बुलडोजर कार्रवाई” की तर्ज पर गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि—जिस महिला पर लाठीचार्ज हुआ, उस घटना को संज्ञान में लिया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई हो। जिन परिवारों के घर तोड़े गए, उन्हें तुरंत आवास उपलब्ध कराया जाए। आगे किसी को भी बेदखल करने से पहले आवास सुनिश्चित किया जाए।
बुलडोजर और लाठीचार्ज के विरोध में बेगूसराय की सड़कों पर गूंजे नारे: मार्च एसबीएसएस कॉलेज से लोहिया नगर रेलवे गुमटी तक निकाला गया। प्रतिरोध के दौरान छात्र-युवाओं ने कई नारे लगाए—“बिना आवास दिए गरीबों को बेघर करना बंद करो”“बुलडोजर सरकार नहीं चलेगी”“महिलाओं पर दमन क्यों? बिहार सरकार जवाब दो”“गरीबों पर कार्रवाई बंद करो”वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल
प्रदर्शन में उपस्थित एआईवाईएफ के राज्य अध्यक्ष शंभू देवा, कैसर रेहान और बसंत कुमार ने कहा कि—“सरकार गरीबों और भूमिहीनों पर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। हमारा संगठन इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।”
प्रतिरोध मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल: मार्च में शादाब खुर्शीद, शाहरूख, रनवीर, सनी, किशन, रवीना, सोनम, सोनाली, रणवीर शाहजहां समेत दर्जनों छात्र-नौजवान शामिल हुए।





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