कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था।
बेगूसराय, 5 अप्रैल 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के बैनर तले मंडल कारा बेगूसराय में रविवार को वरिष्ठ नागरिकों के बीच एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था। वरिष्ठ नागरिकों को दी गई फ्री लीगल एड की जानकारीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव एवं अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को फ्री लीगल एड की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवहार न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय तक जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है, जिसका लाभ उठाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क किया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं से जुड़ने का दिया संदेश: कार्यक्रम में स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। सचिव ने आयुष्मान भारत योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना और वृद्धा पेंशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को इनका लाभ नहीं मिल रहा है, तो वे पीएलवी, जेल प्रशासन या डीएलएसए से संपर्क कर सकते हैं।
कैदियों को नैतिक जीवन का संदेश: अपने संबोधन में उन्होंने कैदियों को भगवान रामचंद्र के आदर्शों का अनुसरण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लालच और अति की इच्छा इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती है, इसलिए जीवन में संयम और संतोष बनाए रखना जरूरी है। साथ ही, उन्होंने बताया कि जेल में शिकायत एवं सुझाव पेटी की व्यवस्था है, जिसमें बंदी अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकते हैं। इन शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाती है।
अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील: कार्यक्रम में वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता सुबोध कुमार झा एवं एलएडीसी अखिलेश कुमार ने भी बंदियों को उनके अधिकारों और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कैदी के कुछ मूल अधिकार होते हैं और यदि उनके अधिकारों के क्रियान्वयन में कोई समस्या आती है, तो वे डीएलएसए कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
जेल प्रशासन ने भी किया जागरूकता का समर्थन: इस अवसर पर जेलर शिवमंगल प्रसाद ने कहा कि “जो प्राप्त है वही पर्याप्त है” के सिद्धांत पर चलते हुए सभी को सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। उन्होंने डीएलएसए की टीम का आभार व्यक्त करते हुए बंदियों से अपील की कि वे दी गई जानकारी को अपने जीवन में उतारें। कार्यक्रम में डीएलएसए के शैलेश कुमार, सहायक जेलर पंकज कुमार, प्रमोद कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






Total views : 78480