🇮🇳 नई दिल्ली | 17 फरवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे AI Impact Summit 2026 ने दुनिया भर का ध्यान भारत की ओर केंद्रित कर दिया है। यह पांच दिवसीय वैश्विक आयोजन 16 से 20 फरवरी तक चल रहा है, जिसमें तकनीक, नीति-निर्माण और रोजगार के नए अवसरों पर जोर दिया जा रहा है।
भारत AI की वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI को “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से जोड़ते हुए कहा है कि AI केवल तकनीक नहीं बल्कि मानव केंद्रित प्रगति का साधन है। उनका लक्ष्य भारत को टॉप-3 AI सुपरपावर देशों में शुमार करना है। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि AI भारत के युवाओं के लिए रोजगार को खतरा नहीं बल्कि बेहतर रोजगार अवसर और कौशल विकास का मार्ग है।
रोजगार और कौशल विकास की नई लकीर: सरकार ने यह दोहराया है कि AI टेक्नोलॉजी नौकरियाँ खत्म नहीं करेगी, बल्कि नई नौकरियाँ पैदा करेगी।MeitY (सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) के सचिव ने कहा कि AI की वजह से वैकल्पिक रोजगार के अवसर और रोजगार-आधारित प्रोफाइल तेजी से बढ़ेंगे। Chief Economic Advisor (CEA) वी. अनन्था नगेश्वरन ने चेतावनी दी कि यदि भारत ने युवाओं को AI-स्किल से लैस नहीं किया तो उसे अपनी जनसंख्या लाभांश खोने का जोखिम हो सकता है। इसलिए कौशल विकास और शिक्षा सुधार जरूरी है।
बिहार को भी बड़ा निवेश मिला: AI समिट में बिहार के लिए ₹486 करोड़ का निवेश प्रस्ताव मंजूर हुआ है, जिसमें पटना में एक AI रिसर्च पार्क एवं AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना शामिल है। इससे स्थानीय युवाओं और छात्रों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और तकनीकी प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी। राज्य सरकार ने यह कदम बिहार को टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में उठाया है।
🧠 शिक्षा व कौशल में AI का एकीकरण: शिक्षा मंत्रालय ने समिट के दौरान “AI को भारत की शिक्षा व्यवस्था में कैसे शामिल करें” पर एक विशेष सत्र आयोजित किया। इसका उद्देश्य AI को स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक शिक्षा में शामिल करना है ताकि युवा भविष्य-अनुकूल कौशल हासिल कर सकें।
तकनीकी आधार मजबूत — कंप्यूटिंग व इन्फ्रास्ट्रक्चर सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री ने घोषणा की कि अगले छह महीनों में भारत के GPU (ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट) क्षमता को दोगुना से अधिक किया जाएगा, जिससे देश की AI-सिस्टम क्षमता और अनुसंधान क्षमता मजबूत होगी।
300 प्रदर्शन, 600 स्टार्टअप्स, 13 देशों की भागीदारी: AI Impact Summit के साथ चल रहे AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में 300 से अधिक प्रदर्शनी, 600 से अधिक स्टार्टअप्स और 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं। इसने भारत को विश्व की AI इकोसिस्टम में ठोस पहचान दिलाई है।
संदेश: AI केवल तकनीक नहीं बल्कि रोजगार, कौशल और समावेशी विकास का नया आधार बनता जा रहा है। भारत अपनी युवा शक्ति, नीति-दृष्टि और वैश्विक भागीदारी के साथ इस दिशा में बड़ी उम्मीदें जगाता दिख रहा है।








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