बेगूसराय | 2 फरवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
सम्मान और सांस्कृतिक गरिमा के साथ समापन
आस्था वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित चार दिवसीय 8वें राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव “आस्था नाट्य रंग उत्सव” का भव्य समापन सोमवार देर रात दिनकर कला भवन, बेगूसराय में हुआ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव का समापन सोसाइटी की नवीनतम नाट्य प्रस्तुति “मैं हूँ शारदा” के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रथम सत्र में ज्योतिषाचार्य पं. गौरी कांत ठाकुर, शिक्षाविद व समाजसेवी अशोक कुमार अमर तथा समाजसेवी विश्व रंजन कुमार उर्फ ‘राजू भैया’ को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

स्वर कोकिला शारदा सिन्हा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि: इसी क्रम में लोक गायिका वंदना सिन्हा को संस्था की ओर से द्वितीय “स्वर कोकिला शारदा सिन्हा पुरस्कार” समर्पित किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया। नाटक “मैं हूँ शारदा” पद्मविभूषित शारदा सिन्हा के जीवन पर आधारित रहा, जिसमें उनके संघर्ष, पारिवारिक जीवन, लोकगायन, छठ परंपरा और कला यात्रा को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया।

सशक्त अभिनय और प्रभावी निर्देशन: नाटक के लेखक चुन्नू कुमार, निर्देशक अरुण शांडिल्य तथा परिकल्पना एवं मार्गदर्शक रवि रंजन कुमार उर्फ पंकज गौतम रहे। शारदा सिन्हा की भूमिका में दिव्यंका भारद्वाज और उनके पति बृजकिशोर की भूमिका में बबलू आनंद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कॉलेज एनुअल प्रोग्राम से नाटक की शुरुआत, यज्ञशाला, छठ व्रत, स्टूडियो यात्रा और जीवन के अंतिम क्षणों तक के दृश्य अत्यंत जीवंत रहे।
कलाकारों और तकनीकी टीम का सम्मान: शानदार प्रस्तुति के उपरांत सभी कलाकारों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। वहीं निर्देशक अरुण शांडिल्य को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। मंच संचालन दीपक कुमार, प्रकाश संचालन मनोज कुमार तथा संगीत संचालन टीम को भी सम्मानित कर आयोजन का गरिमामय समापन किया गया।






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