बेगूसराय | 31 जनवरी 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार केसरी, स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा एवं बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 65वीं स्मृति दिवस शुक्रवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम बेगूसराय नगर के हृदय स्थल नगर निगम चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

अमरेंद्र कुमार सिंह ने किया अध्यक्षीय संबोधन: कार्यक्रम की अध्यक्षता जेपी सेनानी, राष्ट्रीय सचिव (संपूर्ण क्रांति मोर्चा) एवं शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का निधन आज ही के दिन 1961 में हुआ था। उन्होंने 1930 में गढ़पुरा में नमक सत्याग्रह आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।
स्वतंत्रता आंदोलन में श्री बाबू का अतुलनीय योगदान: उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 1934 में मुंगेर जाकर भूकंप पीड़ितों की सेवा कर श्री बाबू ने मानवता की मिसाल कायम की। वहीं 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उनके अदम्य साहस और नेतृत्व ने राष्ट्रव्यापी चेतना को मजबूती प्रदान की। ऐसे महान पुरुष को शत-शत नमन।
औद्योगिक विकास और कौमी एकता के प्रतीक: इस अवसर पर नगर निगम की उपमेयर अनिता राय ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने बिहार के औद्योगिक विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वे सच्चे राष्ट्रभक्त और दूरदर्शी नेता थे। कार्यक्रम में सुशील राय, जिला अध्यक्ष (दाढ़ीती देधांत समिति), जेपी सेनानी जिला अध्यक्ष राजेंद्र महतो, शिक्षक कामेश्वर शर्मा ने कहा कि श्री बाबू का हृदय सदैव देश सेवा में लगा रहा। बिहार के नवनिर्माण में उन्होंने अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।
तेल चित्र पर माल्यार्पण कर दी गई श्रद्धांजलि: कार्यक्रम के दौरान पवन शर्मा (रोटी बैंक सहयोग समिति संयोजक), जुल्फकार अली (जदयू नेता), नाथो साव सहित अन्य गणमान्य लोगों ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तेल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।






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