बेगूसराय। 27 जनवरी 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
अखिल भारतीय किसान महासभा ने किसानों के भूमि अधिकारों को लेकर एक बार फिर मुखर रुख अपनाया है। इसी क्रम में किसान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने कुशमौत गांव पहुंचकर किसानों के साथ एकजुटता का इजहार किया और जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे विरोध को समर्थन दिया।
किसानों से सीधा संवाद, जनसुनवाई में विरोध का समर्थन: अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव बैजू सिंह, जिलाध्यक्ष नवल किशोर सिंह, मुक्तिनारायण सिंह, शैलेन्द्र सिंह तथा खेग्रामस के जिला सचिव चन्द्रदेव वर्मा ने कुशमौत पंचायत के मुखिया पवन सदा एवं स्थानीय किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। नेताओं ने जिला प्रशासन द्वारा जमीन अधिग्रहण को लेकर बुलाई गई जनसुनवाई में किसानों की विरोधी आवाज के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
भाजपा-जदयू सरकार पर लगाया गंभीर आरोप: इस दौरान किसान महासभा के जिला सचिव बैजू सिंह एवं जिलाध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने भाजपा-जदयू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सरकार किसानों के प्रति अपनी जवाबदेही से बचते हुए कार्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपजाऊ कृषि भूमि को उद्योग के नाम पर अधिग्रहित करने की कोशिश की जा रही है, जो किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उद्योग के नाम पर पर्यावरण और रोजगार पर संकट: नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उद्योग स्थापित किए जाते हैं तो उससे निकलने वाला धुआं और जहरीले प्रदूषक कुशमौत सहित कोला क्षेत्र के किसानों और मजदूरों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि जिले में पहले से स्थापित औद्योगिक इकाइयों की तरह यहां भी स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित किया जा सकता है। अंत में किसान महासभा नेताओं ने स्पष्ट किया कि संगठन किसानों के भूमि बचाओ संघर्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और किसानों द्वारा चलाए जाने वाले हर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करेगा।






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