बेगूसराय | 13 जनवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
पूरे बिहार में इन दिनों भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। जहां लोग घरों के अंदर ठंड से बचने के लिए दुबके हुए हैं, वहीं सड़कों और फुटपाथों पर जीवन गुजारने वाले जरूरतमंदों की स्थिति और भी दयनीय हो गई है। खासकर रिक्शावाले और दिहाड़ी मजदूर, जो मजबूरी में कम वस्त्रों में भी दिन-रात काम कर रहे हैं, इस ठंड में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
🚲 रिक्शावालों के लिए बना सहारा ‘संस्कार संस्कृति’: ऐसे कठिन समय में संस्कार संस्कृति संस्था ने मानवता की मिसाल पेश की। संस्था की महिला सदस्यों ने रामदीरी के बाद बाघा क्षेत्र में जरूरतमंद रिक्शावालों और समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को खोज-खोजकर 140 कंबल वितरित किए। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर जो खुशी और संतोष दिखाई दिया, वह इस सेवा कार्य की सार्थकता को दर्शाता है।
👩🦰 महिला शक्ति की प्रेरणादायी भूमिका: इस सेवा अभियान में संस्कार संस्कृति की सभी महिला कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ भाग लिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल और प्रभावशाली बनाया। यह पहल न सिर्फ ठंड से राहत देने वाली रही, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती नजर आई।
🗣️ सेवा कार्य आगे भी जारी रहेगा : सरिता सुल्तानिया: संस्था की प्रमुख सदस्य सरिता सुल्तानिया ने बताया कि “यह कंबल वितरण सेवा आगे भी लगातार जारी रहेगी। जरूरतमंदों की मदद करना ही संस्था का मूल उद्देश्य है।” मकर संक्रांति के बाद एक बार फिर जरूरतमंदों के बीच कम्बल का वितरण किया जाएगा।
🤝 सेवा कार्य में मौजूद रहीं ये सदस्य: इस अवसर पर डॉ. गीता कुमारी, पूजा अग्रवाल, रोली अग्रवाल, मीणा सुल्तानिया, सुधा मस्कारा, अनुराधा अग्रवाल, शालिनी अग्रवाल, अंजली, मंजू मस्कारा, बबली मस्कारा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहीं।






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