सुखदेव शहीद सुखदेव सिंह सामान्य समिति सभागार में हुआ कार्यक्रम
बेगूसराय | 26 दिसंबर 2025 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
स्वतंत्रता सेनानी महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 164वीं जयंती एवं भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती शुक्रवार को सुखदेव शहीद सुखदेव सिंह सामान्य समिति सभागार में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जेपी सेनानी संपूर्ण क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव अमरेंद्र कुमार सिंह को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
कई गणमान्य लोगों ने किया सम्मान: कार्यक्रम के दौरान अमरेंद्र कुमार सिंह को सम्मानित करने वालों में नगर निगम के पूर्व मेयर आलोक कुमार अग्रवाल, उपमेयर अनिता राय, वार्ड पार्षद उमेश राय, साहित्यकार चंद्रशेखर चौरसिया, कवि अलख निरंजन चौधरी, समाजसेवी केदारनाथ चौधरी, सेवानिवृत्त शिक्षक रामबालक सिंह, जेपी सेनानी जिला अध्यक्ष राजेंद्र महतो, महिला सेल सचिव एवं जेपी सेनानी जिला सचिव सुनीता देवी, गांधी जन स्वराज पार्टी के नगर अध्यक्ष रविशंकर पोद्दार, पवन शर्मा (रोटी बैंक), अभिषेक पाठक सहित अनाया कुमारी, तेजस कुमार, नाथो साव, अद्विक कुमार व अन्य बच्चे शामिल रहे।
अटल जी विचार और वाणी की शक्ति के प्रतीक: इस अवसर पर पूर्व मेयर आलोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति में विचारों की शक्ति और वाणी की शक्ति के प्रतीक थे। ऐसे महान व्यक्तित्व को शत-शत नमन है।
मालवीय जी चरित्र को मानते थे पूंजी: वहीं उपमेयर अनिता राय ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। वे चार बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। वे चरित्र को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते थे। साथ ही अटल बिहारी वाजपेई एक महान कवि और सच्चे राष्ट्रसेवक थे। दोनों महापुरुषों को शत-शत नमन।
शिक्षा और राजनीति के युगपुरुष थे दोनों विभूतियां: कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जेपी सेनानी राष्ट्रीय सचिव अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मदन मोहन मालवीय जी शिक्षा जगत के स्तंभ थे, जबकि अटल बिहारी वाजपेई तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने और भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। दोनों महान विभूतियों को उन्होंने नमन किया।





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